मुरादगंज(औरैया)। सेंगर नदी के आसपास बसे तीन दर्जन गांवों को बिजली की किल्लत न हो इसके लिए चपटा में विद्युत उपकेंद्र की निर्माण शुरू कराया गया। लेकिन करीब छह साल बीतने के बाद भी उपकेंद्र का काम अधूरा है। स्थानीय लोगों को आए दिन बिजली समस्या से जूझना पड़ता है तो पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से सिंचाई आदि काम भी अटके रहते हैं। क्षेत्र के ग्राम चपटा, हीरापुर, मिश्रीपुर, हरसाय का पुर्वा, नवलपुर, ब्यौरा, सेंगनपुट्ठा, सलैया, हैदरपुर, ततारपुर, रमपुरा, सुर्जनपुर, पुर्वाडोरी आदि गांवों में अभी तक औरैया के नजदीक बने 33/11 केवी उपकेंद्र आनेपुर से बिजली सप्लाई दी जा रही है। आनेपुर से इन गांवों की दूरी करीब 20-22 किलोमीटर पड़ती है। इतनी लंबी लाइन मेें आए दिन ब्रेकडाउन होता रहता है। गांवों को शेडयूल के मुताबिक भी बिजली नहीं मिल पाती। नलकूपों का संचालन भी न हो पाने से किसान परेशान रहते हैं। वर्ष 2006 में ग्राम चपटा में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का निर्माण शुरू कराया गया था। निर्माण इकाई ने भवन निर्माण का काम पूरा कर दिया। पूरा सब स्टेशन बनकर तैयार है। जरूरत है सिर्फ इनमें उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर और उससे जुड़ी मशीनों की। मशीनों के न लगने से बिल्डिंग वीरान खड़ी है। ग्राम प्रधान अवध बिहारी कठेरिया ने बताया कि चपटा में उपकेंद्र के चालू होने से इस क्षेत्र के कई गांवों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार आएगा। उन्होंने संबंधित विभाग की लेटलतीफी की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक तथा उच्चाधिकारियों से मिलकर उपकेंद्र को शीघ्र शुरू कराने का प्रयास करेंगे। उधर, अवर अभियंता सत्येदव सिंह बताते हैं कि उपकेंद्र की स्थापना का कार्य कानपुर की कंपनी कर रही है। वे अधिकारियों से बात कराएंगे।