औरैया। शासन स्तर से अमृत सरोवर योजना के तहत जिले को 168 तालाबों को वजूद में लाने का लक्ष्य पिछले सत्र में मिला था। जिला प्रशासन की ओर से काफी मशक्कत के बाद 95 तालाबों की खोदाई की जा सकी। अब मनरेगा के तहत जिले में नए सत्र में 73 तालाबों को वजूद में लाया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक तालाब को चिह्नित करते हुए 10 से 12 लाख रुपये के बजट से खोदाई व सुंदरीकरण के काम कराए जाएंगे। इससे मनरेगा श्रमिकों को रोजगार भी मुहैया होगा।
जिले में वर्तमान समय में तकरीबन 54 हजार मनरेगा श्रमिक सक्रिय हैं, जिन्हें कुछ न कुछ काम मिलता रहता है। साल भर का औसत काम मिल जाता है। रोजाना के हिसाब से 230 रुपये की दिहाड़ी दी जाती है। पिछले वर्ष अप्रैल में शुरू हुए 95 तालाबों को वजूद में लाने के काम में काफी कुछ मनरेगा श्रमिकों को काम मिला था। पहली बार मोटे बजट से श्रमिकों के हाथ काम मिला। अब यह दोबारा से होगा।
अब 73 तालाबों को वजूद में लाया जाना है। इसके लिए खोदाई से लेकर सुंदरीकरण का काम मनेरगा के बजट से होगा। प्रत्येक तालाब के लिए 10 से 12 लाख रुपये स्वीकृति हुए हैं। तीन महीने के अंदर श्रमिकों से काम कराया जाना है। ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को काम मिले इसके लिए मशीनें से खोदाई पर भी रोक रहेगी। अधिकारियों की माने तो दिसंबर माह में अमृत सरोवर योजना के तहत 73 तालाबों पर काम शुरू हो जाएगा। फिलहाल तालाबों को चिह्नित करते हुए काम की रूपरेखा तैयार करना शुरू कर दिया गया है।
शासन से मिले 168 तालाबों के लक्ष्य को दूसरे सत्र में पूरा किया जाना है। पिछले सत्र में 95 तालाब बने। नए सत्र में 73 तालाबों की खोदाई से लेकर सुंदरीकरण का काम कराया जाना है। इसके लिए तालाब चिह्नित किए जा रहे हैं। मनरेगा श्रमिकों से काम कराया जाएगा। दिसंबर में काम शुरू हो जाने की उम्मीद है। तीन माह के अंदर काम पूरा कराया जाएगा।-रामदुलार, मनरेगा डीसी