औरैया/दिबियापुर। जिले को प्रदेश मुख्यालय तक फोरलेन से जोड़ने की योजना के तहत लोक निर्माण विभाग ने बाईपास निर्माण का प्रस्ताव भेजा है। 10.86 किलोमीटर लंबे बाईपास निर्माण में 572 करोड़ रुपये लागत आने का अनुमान है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो फोर लेन निर्माण में होने पर दिबियापुर में भवनों की तोड़फोड़ बच सकती है। इससे दिबियापुर के लोग भी बाईपास बनाए जाने की मांग कर रहे हैं।
ककोर स्थित जिला मुख्यालय को प्रदेश मुख्यालय तक फोरलेन से जोड़ने की योजना पर पीडब्ल्यूडी काम कर रहा है। इसके तहत बिलरायां-पनवाड़ी राजमार्ग को ककोर से लेकर बेला तक के टू लेन वाले हिस्से को चौड़ा किया जाना है। यह मार्ग तिर्वा होते हुए लखनऊ एक्सप्रेसवे से मिलता है। ककोर से बेला तक फोरलेन होने से जिले के लोगों का लखनऊ आना जाना आसान हो जाएगा। पिछले माह पीडब्ल्यूडी ने ककोर से बेला तक 35.6 किलोमीटर लंबे टू लेन मार्ग को फोरलेन चौड़ीकरण का इस्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा था। फोरलेन तैयार करने में 722 करोड़ रुपये खर्च आ रहा है। इस बीच दिबियापुर के लोगों ने फोरलेन किए जाने के दौरान दिबियापुर कस्बा में सड़क किनारे के भवनों में अधिक तोड़फोड़ होने की आशंका जताते हुए विरोध जताना शुरू कर दिया था। अब पीडब्ल्यूडी ने दिबियापुर में बाईपास निर्माण के लिए भी कवायद शुरू कर दी है। इसका इस्टीमेट विभागीय उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। बाईपास का निर्माण औरैया-कन्नौज मार्ग पर गांव समाधान का पुर्वा से शुरू होगा और गांव असेनी में औरैया-कन्नौज बिलरायां-पनवाड़ी राजमार्ग से जुड़ जाएगा। इधर, पीडब्ल्यूडी कर्मियों का मानना है कि 10.86 किलोमीटर लंबे केवल बाईपास निर्माण में 572 करोड़ का खर्च आ रहा है, जबकि ककोर से लेकर बेला तक 35.6 किलोमीटर लंबे मुख्य सड़क के चौड़ीकरण के लिए कुल लागत 722 करोड़ रुपये ही आ रही है।
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इंसेट
रेलवे लाइन और नहर के ऊपर से एक फ्लाईओवर का प्रस्ताव
बाईपास बनाने के दौरान बीच में पड़ने वाली दिल्ली-हावड़ा रेलवे लाइन और निचली गंगा नहर के ऊपर से एक फ्लाईओवर का निर्माण प्रस्तावित है। इसकी लंबाई लगभग 1.1 किलोमीटर होगी। इसका भी प्रस्ताव विभाग ने शासन को भेजा है। बाईपास और पुल निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद ही आगे का काम शुरू हो सकेगा।
वर्जन
बाईपास व फ्लाईओवर दोनों प्रस्ताव उच्चाधिकारियों के पास भेजे गए हैं। जिस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी, उसपर काम शुरू करा दिया जाएगा। - अभिषेक यादव, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी