पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगर क्षेत्र में जमा कीचड़। संवाद
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औरैया। मिशन कायाकल्प के तहत जिले के सभी परिषदीय स्कूलों को हाईटेक बनाने का दावा किया जा रहा है। जिले का शिक्षा विभाग भी व्यवस्थाओं को लगभग दुरुस्त बता रहा है लेकिन हकीकत कुछ और ही है। अभी तक जिले के 1265 परिषदीय विद्यालयों में से 253 विद्यालयों में न तो चहारदीवारी और न ही गेट नहीं बने हैं।
ऐसे स्कूलों में आवारा मवेशी घुस कर गंदगी फैलाते हैं। आपरेशन कायाकल्प के तहत 19 बिंदुओं पर परिषदीय विद्यालयों की सूरत बदलने का कार्य किया जाना है, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी विद्यालयों की तस्वीर नहीं बदली है। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे और शिक्षक असुरक्षित है। बेसिक शिक्षा विभाग का दावा है कि सभी स्कूलों का कायाकल्प करने का प्रयास किया जा रहा है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत निधि व शहरीय क्षेत्र में नगर निकाय से परिषदीय विद्यालयों में चहारदीवारी का निर्माण होना है। बजट के अभाव में संबंधित विद्यालयों में चहारदीवारी का निर्माण का काम बाधित है। इस संबंध में संबंधित नगर निकाय के ईओ व डीपीआरओ को पत्र लिखा गया है।
ब्लॉक बाउंड्रीविहीन स्कूल
एरवाकटरा 19
बिधूना 52
अछल्दा 68
सहार 18
अजीतमल 32
भाग्यनगर 38
औरैया 20
औरैया नगर 06
सीन - 1 - शहर के कांशीराम कालोनी स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगर क्षेत्र में बाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं हो सका है। जिससे हर वक्त यहां पर अन्ना मवेशियों का जमावड़ा देखा जा सकता है। चहारदीवारी के अभाव में विद्यालय परिसर के चारों तरफ जलभराव व कूड़ा-करकट जमा है।
सीन - 2 - कांशीराम कालोनी स्थित प्राथमिक विद्यालय गुरुहाई में भी चहारदीवारी नहीं है। कालोनी का गंदा पानी विद्यालय परिसर के मैदान में जमा हो रहा है। गंदगी व कीचड़ के बीच बच्चे शिक्षा ग्रहण करने को विवश हो रहे हैं। यहां पर भी अन्ना मवेशियों व सूअरों से बच्चे बचते हैं।
प्राथमिक विद्यालय गुरुहाई मैदान में जमा कीचड़ व गंदगी। संवाद- फोटो : AURAIYA