इसके बाद गलत काम किया। वादी व उसकी पत्नी जब इलाहाबाद से वापस आए तो उसने कोतवाली औरैया में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी वीरू के खिलाफ चार्ज शीट कोर्ट में दाखिल की। यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो मनराज सिंह की कोर्ट में चला।
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने घर में घुसकर किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को कठोर दंड देने की बहस की। सुनवाई के बाद एडीजे मनराज सिंह ने दोषी वीरू उर्फ दुर्गेश को 20 साल के कठोर कारावास व कुल 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया।
वहीं, अर्थदंड अदा न करने पर से एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अर्थदंड की धनराशि में से आधी धनराशि पीड़िता को देने का भी आदेश कोर्ट ने जारी किया है। सजा पाए दोषी वीरू को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।