औरैया। यमुना नदी के पारिस्थतिकी तंत्र को संतुलित रखने के लिए मत्स्य विभाग की ओर से मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह के द्वारा 1.10 लाख मछली के बच्चे यमुना नदी में डलवाए गए। जिनमें रोहू, मृगल, कतला, सिल्वर कार्प, ग्रास कार्प और कामन कार्प प्रजाति की मछली के बच्चे शामिल रहे। विभागीय अधिकारी का दावा है कि नदी में प्राकृतिक तरीके से भोजन प्राप्त करेंगी।
प्रदूषण के चलते मत्स्य संपदा में गिरावट आ जाती है। इसके चलते जलीय जीव और जंतु की संख्या कम हो रही है। पारिस्थतिकी तंत्र को संतुलित रखने और जलीय जीवों की संख्या को बढ़ावा देने के लिए यमुना नदी में मछली के बच्चे छोड़े जाते हैं। मत्स्य संपदा की बढ़ोत्तरी के लिए शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार के साथ मत्स्य विभाग के कर्मचारी यमुना नदी किनारे शेरगढ़ घाट पहुंचे। जहां 1.10 लाख मछली के बच्चों को नदी में छोड़ा गया। जिले में यमुना नदी के दायरे में जल्द यह मछलियां नदी की शोभा बढ़ाएंगी। इस मौके पर सीडीओ अनिल कुमार सिंह निषाद समाज के लोगों के साथ वार्ता भी की। यमुना नदी में मछली के बच्चे छोड़ने के दौरान निषाद पार्टी जिलाध्यक्ष हरिश्चंद्र निषाद, योगेश निषाद, उत्तम निषाद, चंद्रशेखर निषाद ,अशोक निषाद, उर्मिला निषाद, पुष्पा निषाद, चरन सिंह, निषाद समेत मत्स्य विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।