औरैया। विशेष न्यायाधीश(पॉक्सो एक्ट) मनराज सिंह ने सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में घर के अंदर अकेली सो रही नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के दोषी को 10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 60 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी 15 वर्षीय किशोरी ने रिपोर्ट लिखाई थी कि वह अपनी मौसी के घर पर रहकर पढ़ती है। नौ दिसंबर 2019 को उसकी मौसी एक गमी में बाहर गई थीं। घर पर वह अकेली थी, तभी रात को गांव चिरूहूली निवासी अनुज कुमार रैदास दूसरे की छत पर चढ़कर उसके कमरे में आया और उसके साथ तमंचे के बल पर दुष्कर्म किया। अश्लील वीडियो बनाकर शिकायत करने पर वायरल करने की धमकी देकर भाग गया। पीड़िता ने घर से रुपये लूटने की बात बताई थी। पुलिस विवेचना में घर में घुसकर दुष्कर्म का ही मामला पाया गया। इस पर पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। यह मामला विशेष न्यायाधीश(पॉक्सो अधिनियम) की कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने किशोरी के साथ दुष्कर्म के आरोपी को कठोर दंड देने की बहस की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश(पॉक्सो अधिनियम) मनराज सिंह ने दोषी अनुज को 10 वर्ष के कठोर कारावास व 60 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। घटना के बाद से दोषी जेल में है।