औरैया। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) मनराज सिंह ने तीन वर्ष पहले कोचिंग गई किशोरी को बहलाकर ले जाने व दुष्कर्म करने के दोषी को 10 वर्ष का कठोर कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर डीजीसी अभिषेक मिश्रा व विशेष लोक अभियोजन जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने बताया कि वादी ने थाना बिधूना में रिपोर्ट लिखाई थी कि उसकी 17 वर्षीय बेटी आठ जून 2019 की सुबह 10 बजे कोचिंग के लिए भरथना रोड बिधूना गई थी। तभी पड़ोसी आकाश राठौर उसे बहलाकर ले गया। आरोप है कि पीड़िता का 15 जून 2019 को तिलक जाना था। बेटी तिलक के लिए रखी नकदी व जेवरात भी साथ ले गई।
अपहरण व दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने विवेचना कर आकाश के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) मनराज सिंह की कोर्ट में चला। अभियोजन पक्ष ने आरोपी को कठोर दंड देने की बहस की। वहीं बचाव पक्ष ने उसे निर्दोष बताया। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद एडीजे मनराज सिंह ने अभियुक्त आकाश राठौर को नाबालिग का अपहरण व दुष्कर्म का दोषी माना और उसे 10 वर्ष की कठोर कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। कोर्ट ने जमा कराई गई धनराशि में से 50 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को अदा करने का भी आदेश दिया। सजा पाए आकाश राठौर को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।