गजरौला। माता-पिता को खोने के कारण अनाथ हो चुके बच्चाें के सामने उनके पालन पोषण के लिए आर्थिक तंगी आड़े नहीं आएगी। उनको स्पॉन्सरशिप योजना के तहत महिला बाल कल्याण विभाग की तरफ से चार हजार रुपये हर महीने दिए जाएंगे। समाज कल्याण विभाग को लोगों को जागरूक करने और अनाथ बच्चों के आवेदन जमा करने का जिम्मा सौंपा गया है।
किसी हादसे या सामान्य मौत में माता-पिता को खो देने वाले बच्चों के सामने उनके पालन पोषण का संकट खड़ा हो जाता है। अपने भी उनसे किनारा कर जाते हैं। बच्चे किसी होटल, चाय की दुकान या प्रतिष्ठान पर काम कर गुजारा करते हैं। जिससे बाल श्रम को बढ़ावा मिलता है। जिसको रोकने और अनाथ बच्चों के पालन पोषण के लिए स्पॉन्सरशिप योजना शुरू की गई है। महिला बाल कल्याण विभाग की तरफ से शुरू की गई योजना के तहत ऐसे नाबालिग बच्चों को हर महीने चार हजार रुपये दिए जाएंगे, जिनके माता-पिता दुनिया को छोड़ चुके हैं। चाहे उनकी मौत किसी सड़क हादसे में हुई हो या बीमारी से।
सामान्य मौत वाले दंपती की संतान भी भरण पोषण का लाभ उठाने के लिए हकदार हैं। इस याेजना का लाभ उठाने के लिए अनाथ बच्चों को ब्लॉक में एडीओ समाज कल्याण से फार्म प्राप्त कर उसे भर कर जमा करना है। गजरौला के एडीओ समाज कल्याण आकाश पाल ने बताया कि गजरौला में अब तक सात आवेदन आ चुके हैं।
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जानकारी के अभाव में लाभ उठाने से वंचित हैं लोग
गजरौला। इस योजना से अनाथ बच्चों के जीवन में प्रकाश आ सकता है, लेकिन जागरूकता के अभाव में बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ उठाने से वंचित हैं, जबकि ऐसा कोई गांव नहीं है, जहां पर एक दो बालक अनाथ न हो। ब्लॉक प्रमुख मीनाक्षी चौधरी ने बताया कि वह सभी बैठक में लोगाें से इस योजना का लाभ उठाने के लिए कहते हैं। उन्होंने बीडीओ व एडीओ समाज कल्याण को निर्देश दे रखे हैं कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने से कोई वंचित नहीं रहना चाहिए।