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Amroha News: टैंक में महिला का शव छुपाकर ऊपर से बना दी फर्श

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अमरोहा। राजेश देवी की हत्या कर शव को टॉयलेट के टैंक में छिपाने का दोष देवी आपराधिक प्रवृत्ति का है। वह वर्ष 2019 में फैय्याज नगर गांव में आकर बसा था। उधार लिए रुपये हड़पने के लिए उसने महिला की हत्या की और अपराध को छुपाने के लिए महिला का शव टैंक में छुपा दिया और ऊपर से सीमेंट का स्लैब बनवा कर फर्श बना दिया।
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पुलिस का दावा था कि दोषी देवी और मृतका के घर के बीच केवल 10 फीट का फासला है। मूलरूप से अतरासी का रहने वाला देवी वर्ष 2019 में फैय्याज नगर गांव में आकर बसा था। आपराधिक प्रवृत्ति का होने के कारण उसे अपना पैतृक गांव छोड़ना पड़ा था। फैय्याज नगर गांव में भी उसकी छवि ठीक नहीं थी। देवी रंगाई पुताई का काम करता है। उसने घटना के कुछ दिन पहले राजेश देवी से डेढ़ लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। मृतका राजेश दोषी देवी से अपने रुपयों का तकाजा रही थी। सात दिसंबर 2021 की सुबह हल्की बूंदाबांदी हो रही थी, इस दौरान राजेश देवी उससे अपने रुपये मांगने पहुंची तो उसने गला दबाकर हत्या कर दी। जिससे उसे मूल और ब्याज ना देना पड़े। आरोपी देवी ने महिला के शव को टॉयलेट के टैंक में छिपाकर उसके ऊपर स्लैब डालकर पहले मिट्टी डाली और ईंटें बिछाकर फर्श बना दिया था।







बेटी की हत्या के शक को लेकर भी चर्चा में आया देवी



महिला की हत्या कर टॉयलेट के टैंक में शव छिपाने वाले देवी पर अपनी बेटी की हत्या के शक का मामला सामने आया। पुलिस का दावा था कि स्थानीय लोगों ने पूछताछ के दौरान बताया कि देवी ने कुछ दिन पहले अपनी बेटी की हत्या कर दी थी। लेकिन खुद पीड़ित होने के कारण वह बच गया था।
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ये था पुलिस का तर्क



मृतका राजेश देवी ने अपने परिजनों को बताए बिना आरोपी देवी को डेढ़ लाख रुपये उधार दिए थे। उधार दी गई रकम पर राजेश ने ब्याज तय किया था। सात दिसंबर को राजेश देवी उधार दी धनराशि और ब्याज वसूली के लिए देवी के घर गईं तो देवी ने गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद पत्नी, बेटे और पुत्रवधू के साथ मिलकर शव को शौचालय के टैंक में छिपाकर खुद ही उसके ऊपर ईंटें बिछा दी थी।







मृतका की आखिरी फोन कॉल से खुला था हत्या का राज



सात दिसंबर 2021 को राजेश देवी अचानक घर से लापता हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने आठ दिसंबर को रजबपुर थाने में गुमशुदगी की दर्ज कराई थी। जब पुलिस ने राजेश देवी के फोन की कॉल डिटेल निकाली तो आखरी कॉल देवी जाटव को किया गया था। इसके बाद पुलिस का शक देवी जाटव पर पहुंचा। हिरासत में लेकर पूछताछ के दौरान भी देवी जाटव कुछ बताने को तैयार नहीं था। इसके बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष सुनील मलिक ने देवी जाटव के घर पहुंचे और पहले कमरों के फर्श की खुदाई कराई। लेकिन यहां कुछ नहीं मिला। बाद में घर के आंगन को खुदवाया गया। इस दौरान टॉयलेट के टैंक में राजेश देवी का शव बरामद हुआ था। पुलिस ने इस मामले में 25 गवाह तैयार किए थे।







..जब देवी जाटव ने दो अन्य पड़ोसियों के हत्या में शामिल होने की बात कही



पूछताछ के दौरान देवी जाटव ने गांव के ही रहने वाले पड़ोसी दो अन्य जाट लोगों के हत्या में शामिल होने की बात कही। जिसके आधार पर पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया था। लेकिन जब हकीकत सामने आई तो गांव के लोग अचंभित रह गए। पुलिस का दावा था कि मृतक महिला जाट थी। इसलिए देवी जाटव दो जाट लोगों को अपने साथ आरोपी बनाने की फिराक में था। जिससे जाट बिरादरी होने के नाते मुकदमे में समझौता हो सके। जबकि देवी जाटव, उसकी पत्नी सर्वेश, बेटा सुनील और पुत्रवधू मनीषा ने राजेश देवी के शॉल से गला दबाकर हत्या की थी और बाद में शव को टॉयलेट के टैंक में छिपा दिया था।







हमें न्याय मिला



मृतका राजेश देवी की हत्या के मामले में न्यायालय का फैसला आने के बाद उनके बेटे सुमित कुमार ने कहा कि हमें न्याय मिल गया है। न्यायालय के ऊपर पूरा भरोसा था, कि दोषियों को सजा मिलेगी और उन्हें उम्रकैद की सजा हुई है। हम शुरुआत से पुलिस की कार्रवाई से भी संतुष्ट थे, अब न्यायालय के फैसले से भी सौ प्रतिशत संतुष्ट हैं। हमें दो साल में न्याय मिल गया है। किसी भी स्थिति में दोषी जेल से बाहर न आने पाएं इसके लिए पैरवी करते रहेंगे।
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