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Amroha News: चेतावनी के बाद भी वेव मिल ने नहीं किया बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान

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अमरोहा। विभागीय आदेश के बाद भी मंडी धनौरा की वेव शुगर मिल किसानों का बकाया गन्ना भुगतान करने में लापरवाही कर रही है। चेतावनी के बाद भी मिल किसानों का भुगतान करने में नाकाम रही है। मंगलवार को फिर से डीसीओ ने मिल प्रबंधन के साथ बैठक करते हुए शीघ्र भुगतान करने की चेतावनी दी है।
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डीसीओ ने कहा कि समय से भुगतान न होने पर आगामी पेराई सत्र में मिल के क्रय केंद्रों में कटौती की जाएगी। साथ ही चीनी, शीरा, बेगास, एथनॉल के स्टॉक गोदामों पर निगरानी के लिए विभागीय अधिकारियों की तैनाती भी होगी। जिले में किसानों से गन्ने की खरीद करने में ही नहीं, बल्कि किसानों का बकाया भुगतान भी समय से न करने में धनौरा की वेव शुगर मिल सबसे अव्वल है। किसानों से खरीदे गए गन्ने का 63.29 करोड़ रुपये का भुगतान वेव शुगर मिल द्वारा नहीं किया गया है। इसको लेकर विगत पांच जून को भी डीसीओ मनोज कुमार ने मिल प्रबंधन के साथ बैठक करते हुए पंद्रह दिनों में किसानों का बकाया भुगतान करने के आदेश दिए थे।
लेकिन इसके बाद भी शुगर मिल ने लापरवाही बरतते हुए किसानों का बकाया गन्ने का भुगतान नहीं किया। मंगलवार को फिर से अपने कार्यालय पर मिल प्रबंधन के अधिकारियों को तलब करते हुए भुगतान के संबंध में जानकारी की। इस पर शुगर मिल प्रबंधन ने आगामी तीन दिनों के भीतर 11 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आश्वासन दिया। डीसीओ ने फिर से चेतावनी देते हुए कहा कि समय से भुगतान नहीं हुआ तो, मिल के क्रय केंद्रों में कटौती कर दी जाएगी। उन्होंने धनौरा के गन्ना समिति सचिव को चीनी मिल पर विलंबित अवधि के देय गन्ना मूल्य पर ब्याज की गणना कराकर चीनी मिल को ब्याज का नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। साथ ही कहा कि मिल के चीनी, शीरा, बेगास, एथनॉल के स्टॉक गोदामों पर निगरानी के लिए विभागीय अधिकारियों की तैनाती भी की जाएगी। जिससे प्राप्त होने वाली राशि से किसानों के बकाया गन्ना भुगतान कराया जाएगा। बैठक में चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक जगतवीर सिंह, गन्ना प्रबंधक संजीव मलिक एवं धनौरा समिति के सचिव प्रभारी यतेन्द्र हल्दिया आदि मौजूद रहे।
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30 जून तक दी थी भुगतान की कार्ययोजना, प्रगति शून्य
विगत पांच जून को आयोजित हुई मिल प्रबंधन की बैठक में मिल अधिकारियों द्वारा 30 जून तक शत प्रतिशत भुगतान की कार्ययोजना उपलब्ध कराई गई थी। जिस पर डीसीओ ने दो सप्ताह के भीतर किसानों का शत प्रतिशत बकाया भुगतान करने के निर्देश दिए थे। लेकिन इसके बाद भी शुगर मिल प्रबंधन ने अपनी भुगतान की कार्य योजना को आगे नहीं बढ़ाया। दोबारा बुलाई गई बैठक में भी मिल अधिकारियों ने बकाया 63.29 करोड़ रुपये के सापेक्ष तीन दिनों में केवल 11 करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने का आश्वासन दिया है।
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