गजरौला। हरिद्वार से 54162 क्यूसेक और बिजनौर बैराज से गंगा में 35757 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर 40 सेंटीमीटर बढ़ कर 199.60 मीटर हो गया। इससे खादर के ग्रामीणों को बाढ़ का भय सताने लगा है। लगातार पानी बढ़ता रहा तो निचले इलाकों के खेतों में लबालब पानी भर जाने पर फसलें तबाह हो सकती हैं।
बुधवार को तिगरी में गंगा का जलस्तर 199.20 मीटर था। 11 जुलाई से गंगा का जलस्तर 199.30 और 199.20 मीटर के बीच चल रहा था। मगर हरिद्वार व बिजनौर बैराज से एक साथ पानी छोड़े जाने के कारण जल स्तर में इजाफा हो गया। एक सप्ताह बाद बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भरने लगा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से खादर के ग्रामीणों की धड़कन फिर तेज हो गई है। उनको बाढ़ की चपेट में आ जाने के कारण अपनी फसल नष्ट होने का डर सता रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि निचले इलाके के खेतों में बाढ़ का पानी भर जाने से चारा, सब्जी आदि की फसलें मर जाती हैं। बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद्र गहलौत का कहना है कि बिजनौर व हरिद्वार से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जल स्तर 40 सेंटीमीटर बढ़ गया है।
-