अमरोहा। जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव स्वच्छ जल मुहैया कराने की मुहिम जिले में परवान चढ़ती नजर नहीं आ रही है। ग्रामीणों को पानी तो मिला नहीं, ऊपर से पाइप डालने के लिए खोदी गईं सड़कों भी ऐसे ही छोड़ दिया गया। कई गांव में ओवरहेड टैंक बनाने का काम पूरा नहीं हो सका तो कई गांवों में पाइप लाइन ही नहीं बिछाई जा सकी है। पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गईं सड़कों की मरम्मत न होना बरसात में ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
जिले में दूसरे व तीसरे फेज में गांवों में घर-घर स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए उद्देश्य से ओवरहेड टैंकों का निर्माण कराया जाना था। जिसके बाद पाइपलाइन के माध्यम से घरों में पानी के कनेक्शन दिए जाने थे। लेकिन, उदासीनता के चलते यह योजना अपने अंतिम रूप तक नहीं पहुंच पा रही है। यही कारण है कि जिले में अधिकांश गांवों में इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका है। पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों को खोद तो दिया गया, लेकिन उनकी मरम्मत भी नहीं हो सकी, और जहां मरम्मत हुई वहां भी सड़कें पुन: टूटनी शुरू हो गई।
जिले में तीन कंपनियों को मिला था काम
दूसरे व तीसरे फेज के तहत जिले में तीन कंपनियों को ओवरहेड के निर्माण व गांवों में कनेक्शन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिसमें पीएनसी-एसपीएमएल मुरादाबाद, एलसी इंफ्रा व तीसरे फेज में ओएमआइएल-जेडब्ल्यूआईएल नई दिल्ली को काम सौंपा गया था। लेकिन तीनों ही कंपनियों का काम कछुआ गति से चलने के कारण पूरा नहीं हो सका।
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पीएनसी ने दिया था 15 अगस्त तक काम पूरा होने का भरोसा
सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा द्वारा पिछले माह ली गई कंपनियों की बैठक में पीएनसी मुरादाबाद ने 15 अगस्त तक पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा करने का भरोसा दिया था। इसके साथ ही 30 अगस्त तक सभी घरों में कनेक्शन दिए जाने का काम पूरा करने का भरोसा भी दिलाया था। लेकिन, जिस धीमी रफ्तार से कार्य चल रहा है, तय अवधि में पूरा होने की उम्मीद नहीं है।
पतेई खालसा में स्वच्छ पानी को तरस रहे ग्रामीण
डिडौली। पतेई खालसा में पानी की टंकी पर करोड़ों रुपया खर्च होने के बाद भी ग्रामीणों का पीने के लिए स्वच्छ जल मयस्सर नहीं हो पा रहा है। गांव में पानी की टंकी का निर्माण तो हुआ, लेकिन इसका कोई फायदा ग्रामीणों न लग सका। ग्रामीणों कहना है कि नलों में दूषित पानी आता है। जिसे पीकर ग्रामीण बीमार हो रहे हैं। लेकिन टंकी की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
सड़कें टूटने से ग्रामीणों को परेशानी
कैलसा। पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों को तोड़ने के चलते सड़कों पर पानी भरा रहता है। बरसात के दिनों में हालत और भी बदतर हो गए हैं। अकबरपुर सकेनिया में कनेक्शन का काम चल रहा है। सड़कों की मरम्मत न होने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
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ओवहेड टैंक का कार्य अधूरा, रास्तों की नहीं हुई मरम्मत
हसनपुर/ढबारसी/आदमपुर। गंगेश्वरी ब्लॉक के गांव सिमथला में ओवरहेड टैंक का कार्य अधर में लटका हुआ है। गांव में पाइपलाइन बिछाने के लिए रास्ते खुदवाए गए। इससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, गांव ओगपुरा में दो साल पहले ओवरहेड टैंक बनना शुरू किया गया था, जो अभी तक पूरा नहीं हो सका है। गांव पथरा ऐतमाली में ओवरहेड टैंक बनाने का कार्य धीमी गति से चल रहा है। जबकि पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदे गए रास्ते खराब पड़े हैं। उनकी मरम्मत नहीं हो सकी है। उधर, गांव दमगढ़ा में ओवरहेड टैंक का कार्य अधूरा पड़ा है। यहां एक वर्ष से रास्ते खुदे पड़े हैं, ग्रामीणों को आवागमन में भी परेशानी हो रही है। ढबारसी ग्राम पंचायत में भी ओवरहेड टैंक का कार्य अधूरा पड़ा है। संवाद
कई गांवों में टंकी निर्माण का काम अधूरा
मंडी धनौरा। पपसरा बांगर समेत कई गांवों में ओवरहेड टंकियों का निर्माण अधूरा पड़ा है। पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों को खोदा तो गया, लेकिन मरम्मत का काम पूरा नहीं कराया गया। कुआंखेड़ा में यही हालात हैं।
तिगरी में ओवरहेड का निर्माण नहीं हुआ पूरा
गजरौला। तिगरी में ओवरहेड का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। शहबाजपुर डोर में भी फाल्ट होने के कारण पिछले 15 दिनों से पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। खाद गुजर में काम तो पूरा हो गया, लेकिन पानी की सप्लाई पूरी नहीं पाई है।
जल जीवन मिशन के तहत कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी कार्यदायी संस्थाओं की बैठक ली गई थी। जिसमें सभी संस्थाओं को निर्धारित समय में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। - अश्वनी कुमार मिश्रा, सीडीओ
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