अमरोहा। जिला आम और ढोलक के प्रसिद्ध है। जैकेट के कारखाने हैं। एक जिला और एक उत्पाद में शामिल अमरोहा की ढोलक को बढ़ावा देने के लिए पूर्व में काफी घोषणाएं हुईं, लेकिन केंद्र सरकार के बजट में इसे अनदेखा किया गया है। ढोलक इंडस्ट्री स्थापित किए जाने की मांग भी परवान नहीं चढ़ सकी है। काॅटन वेस्ट और जैकेट व्यापार को बढ़ावा देने के लिए अलग से कोई घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, व्यापारी को आयकर के स्लैब में बदलाव से व्यापारी वर्ग को राहत जरूरी मिली है।
अमरोहा की ढोलक देश ही नहीं दुनिया में अलग पहचान रखती है। यहां 300 से अधिक इकाइयां स्थापित हैं। ढोलक की प्रसिद्धि और मांग को देखते कई साल पहले इसे एक जिला एक उत्पाद में शामिल किया गया था। सरकार की ओर से पूर्व में विभिन्न घोषणाएं की गईं, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं मिला। वहीं, कारोबारी ढोलक इंडस्ट्री बनाए जाने की मांग करते आ रहे हैं। लकड़ी हस्तकला एसोसिएशन के अध्यक्ष शक्ति कुमार अग्रवाल ने बताया कि ढोलक कारोबार के लिए बजट से निराशा मिली है।
केवल इनकम टैक्स में कुछ राहत मिल सकती है। ढोलक कारोबार के लिए ऋण या सब्सिडी को लेकर भी बजट में कुछ नहीं है। उम्मीद थी कि ढोलक कारोबारियों को बिजली का कनेक्शन फ्री मिलने का प्रावधान होगा और बिजली के बिल में भी छूट मिलेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब यूपी सरकार के बजट से कुछ उम्मीद है। उधर, कॉटन वेस्ट कारोबारी संदीप अग्रवाल बजट कॉटन वेस्ट कारोबारी के लिए मुफीद नहीं है। कारोबार के लिए बिजली के दरों में किसी तरह का परिवर्तन नहीं किया गया। कॉटन वेस्ट कारोबार के लिए सब्सिडी का प्रावधान भी नहीं किया गया। इस उद्योग के लिए ऋण का प्रावधान भी नहीं किया गया। ऐसा ही जैकेट कारोबारियों के लिए भी रहा है।
आम निर्यातकों को मिलेगा फायदा
केंद्र सरकार के बजट में कृषि उत्पाद के निर्यात के लिए सब्सिडी में इजाफा किया है। इससे आम के साथ-साथ कृषि उत्पाद के निर्यातकों को फायदा पहुंचगा। आम निर्यातक नदीम सिद्दीकी ने बताया कि सरकार द्वारा बजट में उन किसानों को फायदा मिलेगा, जो उत्पादों का निर्यात करते हैं। बताया कि पहले निर्यात के लिए सरकार मिलने वाली सब्सिडी मात्र दस प्रतिशत थी, जिसे बजट में बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे आम समेत अन्य कृषि उत्पाद के निर्यातकों को फायदा मिलेगा।
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