खनन के आरोप में किसान का ट्रैक्टर पकड़कर थाने में बंद कराने के विरोध में भाकियू नेताओं का गुस्सा भड़क गया। किसानों ने खनन अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी की। खनन अधिकारी के पंचायत में नहीं पहुंचने पर किसानों ने हाईवे जाम कर दिया। करीब पचास मिनट तक किसानों का हाईवे पर कब्जा रहा है। मौके पर पहुंचे एसडीएम-सीओ धनौरा से किसानों की नोकझोंक हुई। अधिकारियों ने बमुश्किल किसानों ने समझा-बुझाकर हाईवे से हटाया। जाम लगने के कारण हाईवे पर तीन किलोमीटर दूर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
किसान समस्याओं को लेकर बुधवार को भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह के नेतृत्व में किसान यकबगड़ी गांव के सामने प्रस्तावित थी। यहां तमाम किसान एकत्र हुए। इस दौरान किसानों ने कहा कि खनन अधिकारी जबरन किसानों का उत्पीड़न कर रही हैं। कहा कि 23 अगस्त को किसान नेमवीर सिंह निवासी दरियापुर ट्रैक्टर से मिट्टी लेकर अपने घर की ओर जा रहे थे। लेकिन इस दौरान खनन अधिकारी ने किसान का ट्रैक्टर पकड़कर सीज करा दिया। पीड़ित किसान ने इसकी शिकायत एसडीएम से की थी। इसके बाद भी खनन अधिकारी ने मनमाने तरीके से ट्रैक्टर सीज कराया। किसान पर हुई कार्रवाई के विरोध में किसानों का गुस्सा भड़क गया। तभी भाकियू नेताओं ने खनन अधिकारी को मौके पर बुलाने और ट्रैक्टर को किसान को सौंपने की मांग की लेकिन खनन अधिकारी किसानों की बीच नहीं पहुंचीं। जिसके बाद करीब दो बजे तमाम किसानों ने हाईवे जाम कर दिया।
धरना देकर सड़क पर बैठ गए। अधिकारियों पर किसानों का शोषण करने का आरोप लगाया। जाम की सूचना मिलते ही एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंच गए। इस दौरान अधिकारियों और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब 2:50 बजे किसान हाईवे से हट गए। इस दौरान करीब 50 मिनट किसानों का हाईवे पर कब्जा रहा। किसानों के हाईवे पर आते की हाईवे पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जिससे राहगीरों का दिक्कतों का सामना करना पड़ा।