भाजपा विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी और उनके समर्थकों पर मकान कब्जाने का आरोप लगाने वाले तीन परिवारों को अभी तक न्याय नहीं मिला है। न्याय की मांग करते हुए पीड़ित पक्ष ने शनिवार को गांव में ही धरना दिया। वहीं एसडीएम ने राजस्व विभाग की टीम गांव भेजकर मामले की कराई है।
क्षेत्र के गांव कालका वाली डगरौली निवासी नन्हें सिंह, जयप्रकाश और हेतराम शुक्रवार को अपने परिवार के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे थे। यहां उन्होंने विधायक और उनके समर्थकों पर मकान कब्जाने का आरोप लगाते हुए धरना दिया था। उन्होंने बैनर पर लिखा था कि तीन हिंदू परिवार भूमाफिया विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी एवं उनके गुंडों की वजह से गांव से पलायन करने को मजबूर हैं। मकान पर कब्जा कराना चाहते हैं। आरोपियों में प्रधान के ससुर को भी शामिल होना बताया था।
आरोप था कि घर से बाहर निकालकर पुलिस ने घर पर ताला लगा दिया है। डीएम ने मामले में एसडीएम को जांच के आदेश दिए थे। शनिवार सुबह को एसडीएम के निर्देश पर हल्का लेखपाल पंकज चहल टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जांच पड़ताल की। तीनों परिवारों ने अपने घर के बाहर मकान वापस लेने की मांग को फिर धरना शुरू कर दिया। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल तैनात है। सपा नेता मुखिया गुर्जर ने भी मौके पर पहुंचकर परिजनों से पूरी घटना की जानकारी की पूरे मामले में उनका साथ देने का भरोसा दिया। मुखिया गुर्जर ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने मकान पर ताला क्यों लगाया है। ताला जल्द खोला जाए। यदि ताला नहीं खुला तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
गांव कालका वाली डगरौली में विवादित मकान के प्रकरण में हरिओम पक्ष ने ग्रामीणों के साथ सीओ कार्यालय पर धरना दिया। बैनर पर लिखा कि खनन माफिया और भू-माफिया पर मामले में उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। कहा कि अपने फायदे के लिए उस जमीन पर कब्जे की नीयत से तीन परिवारों को भड़काया है। पूरे मामले की जांच होने चाहिए। शनिवार को हरिओम गांव के करीब पचास से अधिक लोगों एवं महिलाओं के साथ कोतवाली पहुंचा। यहां थाना समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि करीब तीन सौ गज भूमि कैलाशो से वर्ष 2005 में चौबीस हजार रुपये में खरीदी थी। उसका बैनाम नहीं कराया था। जबकि स्टांप कराया गया था। यह बात पूरे गांव को पता है। इसलिए ग्रामीण साथ में आए हैं लेकिन अब वह भूमि महंगी हो गई है। इसलिए खनन माफिया की उस भूमि पर नजर है। भाजपा के हसनपुर मंडल महामंत्री महेश खड़गवंशी पर आरोप लगाया कि वह तीन परिवारों को भड़का कर माहौल खराब करने का प्रयास करा रहे हैं। पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। धरना देने वालों में हरिओम, नंदराम, शंकर सिंह, यादराम, देशराज सिंह, ब्रहमपाल सिंह, प्रेमवती, गंगेवती, जोगेश्वरी, हेमकौर, रजनी, जगवती, सविता आदि शामिल रहे।
गांव डगरौली में मकान पर कब्जे को लेकर हुए विवाद के मामले में ममेरे एवं फुफेरे भाइयों में टकराव की स्थिति बनी है। पूरे मामले में विधायक महेंद्र सिंह खड़कवंशी बोना वाली डगरोली निवासी हरिओम के साथ हैं। जबकि विधायक के ममेरे भाई गांव घंसूरपुर निवासी एवं हसनपुर भाजपा मंडल महामंत्री महेश खड़गवंशी उन तीन परिवारों के साथ हैं। जिन्होंने कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। इस मकान को लेकर दोनों भाइयों में टकराव की स्थिति बनी हुई है। विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी का कहना है कि मैं सच के साथ हूं। पूरे गांव से पता कर लो, भूमि किसकी है। जबकि महेश खड़गवंशी का कहना है कि भूमि वर्तमान में तीन परिवारों के नाम पर दर्ज है तो दूसरा पक्ष किस हक के साथ भूमि पर कब्जा कर रहा है। जांच होनी चाहिए।
गांव कालका वाली डगरौली में जिस मकान पर कब्जे को लेकर विवाद हो रहा है। उस मकान पर न्यायालय ने यथा स्थिति बनाने के आदेश किए हैं। दो दिन पूर्व गांव डकरौली में मकान पर कब्जे को लेकर विवाद हो गया था। थाना पुलिस द्वारा दोनों पक्षों के दो-दो लोगों के विरुद्ध 151 की कार्यवाही की गई व तीन-तीन व्यक्तियों के के विरुद्ध 107 /16 की कार्यवाही की गई थी। इसके बाद बोना वाली डगरौली निवासी हरिओम ने सिविल जज जूनियर डिविजन हसनपुर में याचिका दाखिल कर कोर्ट को बताया कि 2005 में कैलाशो देवी से हरिओम ने जमीन स्टाम्प पर खरीदी थी। दो वर्ष पूर्व हरिओम ने इस जमीन पर मकान बनाया था। अब इस जमीन के रेट बढ़ने के कारण कौलाशो देवी के पुत्र जयप्रकाश उसके अन्य भाई कब्जा करना चाहते हैं। अधिवक्ता कैलाशचंद ने बताया कि कोर्ट ने मामले में यथा स्थिति बनाये रखने के आदेश पारित किए हैं।
क्षेत्र के दौरारा गांव में ग्रामीण ने सपा नेता मुखिया गुर्जर के साथ प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया है कि विधायक के इशारे पर भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। क्षेत्र के दौरारा गांव निवासी इकबाल ने आरोप लगाया कि अलीगढ़ हसनपुर मार्ग पर सड़क किनारे दौरारा में उसकी जमीन के बराबर में स्थानीय भाजपा नेता ने करीब डेढ़ माह पूर्व गांव के व्यक्ति से करीब डेढ़ बीघा जमीन खरीदी थी। आरोप लगाया कि खरीदी हुई जमीन के साथ हसनपुर अलीगढ़ मार्ग पर स्थित उनकी जमीन पर भू माफिया कब्जा करना चाहते हैं। आरोप है कि विधायक के इशारे पर ऐसा किया जा रहा है। जमीन खाली कराने का दबाव बनाया जा रहा है। वहीं विधायक का कहना है कि मेरा प्रकरण से कोई लेना देना नहीं है। मुझे बदनाम किया जा रहा है।
दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया था। एक पक्ष पहुंचा लेकिन दूसरा पक्ष नहीं पहुंचा। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।-सतीशचंद्र पांडेय सीओ हसनपुर।