तिगरी गंगा मेले में स्नान के बाद घर लौटने वाले श्रद्धालुओं को जाम से न जूझना पड़े इसीलिए पुलिस मार्ग चिह्नित किए हैं। कांकाठेर-ओसीता जगदेवपुर वाले मार्ग पर जाम लगने पर उनको वैकल्पिक मार्ग से निकाला जाएगा।
कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी में लग रहे गंगा मेले में इस बार 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों से आते हैं। आठ दिन तक तिगरी की तरफ जाने वाला हरेक मार्ग श्रद्धालुओं के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और दूसरे वाहनों से भरे रहते हैं। लाखों श्रद्धालुओं और वाहनों के कारण मार्ग में जाम लग जाता है। इससे कई बार कानून व्यवस्था को बनाए रखने में भी परेशानी सामने आती है। इस बार पुलिस-प्रशासन ने यह निर्णय लिया है कि मेला जाने वाले वाहनों को गजरौला की तरफ से निकाला जाए और स्नान कर लौटने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को कांकाठेर के निकट महाराणा प्रताप की प्रतिमा की बराबर से ओसीता जगदेवपुर होकर हाईवे भेजा जाए। मगर श्रद्धालुओं की संख्या बहुत अधिक होने के कारण उपरोक्त मार्ग पर जाम लग जाने के कारण तीन और वैकल्पिक मार्ग हैं। जिनसे वाहनों को निकाल कर गंतव्य को रवाना किया जाएगा।
चकनवाला-नगलिया मेव की तरफ
कांकाठेर और ओसीता जगदेवपुर वाले मार्ग पर वाहनों का जाम लगने के कारण कहीं अन्य वाहन भी जाम में न फंस जाएं, इसलिए उनको चेक पोस्ट के बराबर बांध से चकनवाला की तरफ भेजा जाएगा। रास्ते में गंगा बांध से नगलिया मेव में उतर कर कुमराला होकर तिगरी-गजरौला मार्ग पर पहुंच कर गंतव्य को जाएंगे।
मोहकरा पट्टी से बसैली होते हुए
गंगा में डुबकी लगाकर लौट रहे श्रद्धालुओं के वाहनों को जाम से बचाने के लिए कांकाठेर की तरफ से रोक कर मोहरका पट्टी भेजे जाएंगे। मोहरका पट्टी से बसैली होते हुए चाहे तो मोहम्मदाबाद होकर गंतव्य को चले जाएं या पक्का पुल के निकट तिगरी-गजरौला मार्ग से घर पहुंचेंगे।
मोहरका पट्टी से कांकाठेर
सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं के वाहनों के कारण जाम लग जाने पर तीसरा वैकल्पिक मार्ग मोहरका पट्टी और कांकाठेर है। तिगरी से घर लौटने वाले वाहनों को मोहरका पट्टी से वाया कांकाठेर हाईवे पर भेजा जाएगा। इस कारण अन्य मार्गों पर वाहनों की संख्या कम हो जाने पर जाम नहीं लगेगा।
आपातकाल में फौजी पड़ाव मैदान पर बन सकता है पार्किंग
गजरौला। तिगरी गंगा मेले में श्रद्धालुओं की भारी संख्या की संभावना को देखते हुए पुलिस-प्रशासन कोई भी जोखिम लेना नहीं चाहता। इसलिए अधिक से अधिक वाहनों को मेला से बाहर ही रोकने की तैयारी है। सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि प्राइवेट बसों की पार्किंग जिला पंचायत के गेट बायीं तरफ की जाएगी। कार और अन्य चार पहिया वाहनों का स्टैंड भी इसी के सामने किया जाएगा। जबकि रोडवेज बसों का स्टैंड गेट के दाहिने तरफ रहेगा। इसके अलावा गंगा बांध के नीचे दो पहिया वाहनों की पार्किंग की जाएगी और दूसरी पार्किंग शिव चौक के बराबर दाहिने दिशा में करने का निर्णय लिया गया है। सीओ ने बताया कि प्रत्येक मार्ग पर एक क्रेन रहेगी। किसी वाहन के खराब हो जाने पर तुरंत उसे उठाकर यातायात को सुचारू करने का काम करेगी।