गजरौला (अमरोहा)। सावन माह की सोमवती अमावस्या पर ब्रजघाट व तिगरी गंंगा में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। इसके चलते सुबह साढ़े आठ बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक वाहन जाम में फंसे रहे। वाहन चालक निकलने के लिए मशक्कत करते रहे।
ब्रजघाट व तिगरी में सोमवार की सुबह से ही गंगा में स्नान करने का सिलसिला शुरू हो गया। ब्रजघाट में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हर हर गंगे के उद्घोष संग स्नान किया। ब्रजघाट पर हरियाणा, दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ आदि शहरों के श्रद्धालु स्नान करने पहुंचे। फूल प्रसाद, खिलौने और सौंदर्य प्रसाधन का सामान बेचने वाले दुकानदारों ने तट बांध के किनारे से लेकर शिव चौक तक दुकान लगाईं। पुलिस ने बैरियर लगाकर बाढ़ खंड की चौकी पर ही श्रद्धालुओं के वाहनों को रोक कर पार्किंग कराई, जबकि ई-रिक्शा और अन्य वाहनों को सरकारी अस्पताल के सामने, मोहरका पट्टी वाले मार्ग किनारे तट बांध पर खड़ा कराया। तिगरी में अमरोहा, धनौरा, गजरौला व आसपास के गांवों के श्रद्धालु स्नान करने पहुंचे। दोपहर बाद तक लोग स्नान करने पहुंचे।
दोपहर के बाद रेंगते नजर आए वाहन
एक तरफ कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे पहले से ही वन वे है। दूसरी ओर सोमवती अमावस्या पर एक ही लेन पर वाहनों का रेला निकल पड़ा। सुबह के समय पहले ब्रजघाट से दिल्ली की ओर जाम लगा। जिससे सुबह से ही लोग बुरी तरह फंस गए। दिल्ली की ओर जाम लगने से गजरौला की ओर भी जाम की स्थिति बन गई। कांवड़ यात्रा के लिए ब्रजघाट गंगा पुल पर आने और जाने वाले वाहनों को मुरादाबाद से दिल्ली जाने वाली लेन से गुजारा गया, जबकि दिल्ली से मुरादाबाद जाने वाले वाहनों की लेन को पुलिस ने बंद कर रखा था। एक ही लेन से वाहन गुजारे जा रहे थे। इस कारण पुल पर जाम लगा रहा। दोपहर बाद तक वाहन रेंग रेंग कर गुजरे। हाईवे पर सुबह सात से एक बजे तक जाम की स्थिति बनी रही। उधर, अमरोहा व हापुड़ जिले की पुलिस को जाम के बीच वाहनों को गुजरवाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
डग्गामार वाहन चालकों की रही चांदी
सोमवती अमावस्या पर ब्रजघाट व तिगरी गंगा में स्नान करने गए उन श्रद्धालुओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा, जो अपना वाहन लेकर नहीं आए थे। हाईवे पर डग्गामार वाहन नहीं चलने के कारण खासी मुसीबत का सामना करना पड़ा। जो भी एक-दो डग्गामार वाहन आए, उनकी चांदी रही। यही हाल तिगरी में रहा। तिगरी से गजरौला तक 20 रुपये किराया वसूल किया, जबकि आम दिनों में दस से 15 रुपये लेते हैं।