अमरोहा। वोकेशनल परीक्षा के नाम पर गलत तरीके से फीस वसूली का आरोप लगाते हुए जेएसएच पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों का गुस्सा सोमवार को एक बार फिर भड़क उठा। एबीवीपी के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आजाद रोड पर रामलीला ग्राउंड के पास जाम लगाकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रबंधन के आश्वासन के बाद 20 मिनट बाद जाम खोला।
जेएसएच पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों ने बीते बृहस्पतिवार को वोकेशनल परीक्षा के नाम पर गलत तरीके से फीस वसूली करने का आरोप लगाते हुए एबीवीपी के पदाधिकारियों के साथ कॉलेज में हंगामा किया था। आरोप था कि कॉलेज ने बीए के चतुर्थ सेमेस्टर में वोकेशनल की गलत परीक्षा करा दी। अब दोबारा से उसके स्थान पर दूसरे विषय की परीक्षा कराने के लिए दोबारा से प्रति छात्र से 300 रुपये जमा कराए जा रहे हैं। काॅलेज की गलती का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। उस समय प्रबंधन ने वार्ता के दौरान समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था। चार दिन बीतने के बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो रविवार को एक बार फिर से विद्यार्थी भड़क उठे। सुबह साढ़े दस बजे एबीवीपी के संगठन मंत्री सुमित ठाकुर, जिला संयोजक विशाल शर्मा के नेतृत्व में विद्यार्थी कॉलेज के बाहर एकत्र हुए और हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और विद्यार्थियों को समझाकर जाम खुलवाया। छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल प्राचार्य डॉ. वीर वीरेंद्र सिंह से मिला और कुलपति को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने 10 अगस्त तक समस्या का समाधान नहीं होने पर 11 अगस्त को फिर से कॉलेज में इकट्ठा होने की बात कही है।
इस तरह से हुई गड़बड़ी
जेएसएच कॉलेज में बीए चौथे सेमेस्टर में वोकेशनल विषय के रूप में विश्वविद्यालय से कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं मिलने के कारण महाविद्यालय द्वारा व्यावहारिक हिंदी की परीक्षा कराई थी, जबकि वह परीक्षा एमएस आॅफिस एंड एप्लीकेशन की होनी थी। अब विश्वविद्यालय द्वारा एमएस आफिस एंड एप्लीकेशन की परीक्षा कराने के निर्देश देने के बाद छात्र छात्राओं के सामने उक्त परेशानी हुई है।
इनका कहना है
छात्रों ने एमजेपी रूहेलखंड विवि के कुलपति को संबोधित ज्ञापन दिया है। जिसे कुलपति को भेज दिया गया है। करीब 90 प्रतिशत विद्यार्थियों ने दूसरी परीक्षा के लिए फीस जमा कर दी है। शेष बच्चों की फीस जमा होने के बाद परीक्षा करा दी जाएगी। बिना वजह मामले को तूल दिया जा रहा है। पूर्व में हुई परीक्षा भी यूनिवर्सिटी की गाइडलाइन के तहत ही हुई थी। -डॉ. वीर वीरेंद्र सिंह, प्राचार्य, जेएस हिंदू कॉलेज, अमरोहा