12 मई को फार्म हाउस में मृत मिले 22 वर्षीय चौकीदार रोहित की हत्या उसके चाचा ने ही की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करते हुए घटना का खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने रोहित की 14 बीघा भूमि के लिए हत्या की थी।
ख्यालीपुर गांव का 22 वर्षीय युवक रोहित पुत्र खूबचंद्र सिंह चौकीदारी करता था। हसनपुर कोतवाली के बाटपुरा निवासी एक युवक भी फार्म हाउस में चौकीदार था। गांव में ही स्थित एक फार्म हाउस पर वह दिन में ड्यूटी करता था, जबकि रोहित रात को देखभाल करता था। रोहित 12 मई की सुबह संदिग्ध हालात में फार्म हाउस में मृत मिला था। उसका शव चारपाई पर पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर विसरा सुरक्षित किया गया। पुलिस ने आत्महत्या की रिपोर्ट दर्ज की लेकिन खुदकुशी की बात मृतक के परिजनों के गले नहीं उतर रही थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि चौकीदार रोहित ने जहरीले पदार्थ का सेवन नहीं किया था, बल्कि उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी।
पुलिस ने विवेचना शुरू की। छानबीन के दौरान भी रोहित की हत्या किए जाने का तथ्य सामने आया। जिसके बाद पुलिस ने आत्महत्या के मुकदमे को हत्या की धारा में तरमीम किया। पुलिस की विवेचना में रोहित के सगे चाचा सत्येंद्र का नाम ही हत्या में सामने आया। पुलिस के मुताबिक मृतक के पिता और उसके चाचा सत्येंद्र चार भाई थे। सत्येंद्र के पिता के नाम 14 बीघे जमीन है। सत्येंद्र को यह डर था कि कहीं भतीजा सत्येंद्र के पिता की जमीन को अपने नाम न करा ले।
पुलिस ने मंगलवार को हत्यारोपी चाचा सत्येंद्र को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने गला दबाकर हत्या को अंजाम देना कबूल किया। थाना प्रभारी अरिहंत सिद्धार्थ का कहना है कि सत्येंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है।
हत्यारोपी चाचा ने की थी जहरीले पदार्थ के सेवन की बात
पुलिस ने बताया कि हत्यारोपी चाचा सत्येंद्र बेहद शातिर है। चौकीदार रोहित के मृत मिलने पर उसके शव को देख लोगों ने नीला पड़ा होने की बात कही थी। सत्येंद्र ने भी उनकी हां में हां मिलाई थी। उसने भी जहरीले पदार्थ के सेवन की बात कही थी, लेकिन पुलिस और गांव के लोगों को यह पता नहीं था कि वह जहरीले पदार्थ के सेवन की बात खुद के बचाव के लिए कह रहा है।