अमरोहा। इन्फ्लूएंजा वायरस के खतरे के बीच जिले में वायरल बुखार के साथ टाइफाइड का प्रकोप बढ़ गया है। जिला अस्पताल में एक सप्ताह के अंदर 200 से ज्यादा मरीजों में इसकी पुष्टि हुई है। ओपीडी भी टाइफाइड के मरीजों से भरी हैं। शरीर का तापमान अचानक 104 डिग्री तक पहुंचने से मरीज बेसुध हो रहे हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉक्टर चरण सिंह बताया कि वायरल के साथ ही मरीजों में टाइफाइड मिल रहा है, एक सप्ताह के अंदर ही मामले अधिक बढ़े हैं। साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया के कारण टाइफाइड होता है। दूषित भोजन और पानी से संक्रमण फैलता है। साथ ही टाइफाइड से पीड़ित किसी व्यक्ति के निकट संपर्क में आते हैं तो भी आपको यह रोग हो सकता है।
एक सप्ताह के अंदर करीब 200 मरीजों में टाइफाइड की पुष्टि हो चुकी है। चिकित्सक बुखार से पीड़ित जिन मरीजों का ये टेस्ट लिखते हैं उनमें करीब 60 फीसदी में टाइफाइड की पुष्टि हो रही है। शरीर का तापमान 104 डिग्री तक पहुंचने से मरीज बेसुध हो रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में ऐसे मरीजों की भरमार है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिन में बुखार, उल्टी और दस्त से पीड़ित 22 मरीजों को इमरजेंसी और जनरल वार्ड में भर्ती कराया गया। जिसमें 15 मरीजों को स्वास्थ्य ठीक होने पर उनकी छुट्टी कर दी गई है। अभी सात मरीज भर्ती हैं।
पेट संक्रमण के मरीजों में इजाफा
मौसम में बदलाव और खान पान की दिनचर्या बदलने से पेट संक्रमण के मरीज भी बढ़ रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या बीते दो सप्ताह में डेढ़ गुना तक बढ़ गई है।
एंटी बॉयोटिक दवाओं की बढ़ी मांग
टाइफाइड में मरीजों को एंटी बॉयोटिक दवाएं अधिक दी जा रही हैं, जिसके चलते इन दवाओं की डिमांड अब बढ़ रही है। इसके साथ ही कफ सीरप और एंटी एलर्जिक दवाओं की खपत भी काफी बढ़ गई है।