अवैध कारतूस प्रकरण में हसनपुर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ नौ पेजों का आरोप पत्र दाखिल किया है। जबकि दो आरोपियों के खिलाफ अभी भी विवेचना चल रही है। अभी कई और आरोपी पुलिस के निशाने पर हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी कर सकती है।
22 अप्रैल की सुबह जनपद फिरोजाबाद के टूंडला में रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान जीआरपी ने दो लोगों को पकड़ा था। उनके पास से करीब 700 से अधिक अवैध कारतूस बरामद हुए थे। पूछताछ में आरोपियों ने कारतूस अमरोहा जनपद के हसनपुर से खरीदे जाने की बात कबूल की थी। आगरा पुलिस अधीक्षक रेलवे मोहम्मद मुश्ताक से इनपुट मिलने के बाद हसनपुर पुलिस ने कस्बे के मोहल्ला कायस्थान स्थित हरदयाल सिंह एंड संस के स्वामी सुशील चंद्र सक्सेना को हिरासत में लेकर उसके बेटे प्रतीक सक्सेना निवासी मोहल्ला कायस्थान थाना हसनपुर को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद फिरोजाबाद जीआरपी की टीम आरोपी प्रतीक को अपने साथ ले गई थी और वहां से जेल भेज दिया था। फिरोजाबाद में दर्ज हुए मुकदमे में प्रतीक पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के मुताबिक करीब एक लाख से अधिक अवैध कारतूसों की बिक्री की गई। इसके बाद 12 मई को हसनपुर कोतवाली में भी लाइसेंस की दुकान स्वामी के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई थी। डीएम के आदेश पर लाइसेंस की दुकान को भी सील कर दिया था। रिकार्ड में गड़बड़ी मिलने पर फिरोजाबाद के फिरोज और प्रतापगढ़ के आशीष मिश्रा का नाम भी सामने आया। पुलिस ने उन्हें भी आरोपी बनाया और विवेचना शुरू की। कई दिन पूर्व पुलिस ने लाइसेंस दुकान स्वामी सुशीलचंद्र सक्सेना, उसके बेटे प्रतीक सक्सेना, फिरोज और आशीष मिश्रा के खिलाफ नौ पेजों का आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। जबकि दो अन्य आरोपियों के नाम प्रकाश में आए हैं। उनके खिलाफ विवेचना की जा रही है। कई और आरोपी भी पुलिस के निशाने पर हैं। उधर, शासन स्तर से दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। एसपी आदित्य लांग्हे ने बताया कि मामले अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच चल रही है। साक्ष्य मिलने पर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।