गांव बुरावली में रहरा-हसनपुर मार्ग पर सोमवार रात अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में गांव बुरावली निवासी बाइक सवार हरीराज (22) व प्रशांत (18) की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने ग्रामीणों के साथ पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचे शवों को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। परिजनों ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
रहरा थाना क्षेत्र के गांव बुरावली में मजदूर फूल सिंह का परिवार रहता है। सोमवार रात करीब 10:30 बजे फूल सिंह का बेटा हरीराज मोहल्ले के ही दोस्त प्रशांत पुत्र मुकेश के साथ बाइक से बुरावली बिजलीघर पर शिकायतों के संबंध में गया था। लौटते समय शराब के ठेके के सामने अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में दोनों की मौत हो गई। कुछ ही देर में ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। दो दोस्तों की मौत से परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। दोनों मजदूरी करते थे। परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट गया है।
पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार दोपहर को दोनों के शव गांव में पहुंचे। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने शवों को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। हादसे के जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने की मांग की। साथ ही मरने वाले परिवार के लोगों को 50-50 लाख मुआवजा और एक सरकारी नौकरी की मांग की। करीब पौने दो घंटे तक जाम रहा। सीओ दीप कुमार पंत ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाया और शांत कराया। इसके बाद जाम खोला जा सका।
बिजली आपूर्ति ठीक करवाने बिजलीघर गए थे दोनों
बुरावली। गांव बुरावली में हादसे में दो दोस्तों की मौत का कारण एक तरफ जहां हादसा ही है। वहीं, दूसरे ओर ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिजली आपूर्ति व्यवस्था ठीक होती तो दोनों दोस्त बिजलीघर नहीं गए होते और ये हादसा भी न होता। गांव में दो दिनों से बिजली व्यवस्था खराब थी। इससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसलिए रात साढ़े दस बजे दोनों दोस्त बिजली आपूर्ति व्यवस्था ठीक कराने के लिए बिजलीघर पहुंचे थे, लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि वह कभी वापस ही नहीं लौट पाएंगे।
15 दिन के मासूम के सिर से उठा पिता का साया
हादसे में जान गंवाने वाले हरिराज के 15 दिन पहले ही बेटा हुआ था। घर में खुशी का माहौल था। लेकिन, हादसे में हुई हरिराज की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट गया। मासूम के सिर से पिता का साया उठ गया है। हरिराज की मौत से पत्नी व परिजनों को रो-रोकर बुराहाल है। वहीं, मृतक प्रशांत की अभी शादी नहीं हुई थी। वह तीन बहन एवं चार भाइयों में सबसे बड़ा था।