अमरोहा। घर में घुसकर भाभी से दुष्कर्म करने के मामले में न्यायालय ने दो सगे भाइयों को बीस साल की सजा सुनाई है। साथ ही 67 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों दोषी जमानत पर बाहर थे, न्यायालय का फैसला आने के बाद उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान तीसरे आरोपी पीड़िता के ननदोई की मौत हो चुकी है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ले में रहने वाली युवती की शादी मुरादाबाद जनपद कुंदरकी थानाक्षेत्र के एक मोहल्ले में रहने वाले युवक के साथ हुई थी। शादी के छह महीने बाद ही पति से विवाद के चलते विवाहिता अमरोहा नगर के एक मोहल्ला में रहने वाली अपनी मौसी के घर रहने लगी थी। 24 जनवरी 2015 की दोपहर विवाहित घर पर अकेली थी। तभी उसके दो देवर और ननदोई वहां आ गए। तीनों ने तमंचे के बल पर विवाहिता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। बाद में जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। पीड़िता ने मामले की शिकायत नगर कोतवाली पुलिस से की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई थी।
इस मामले में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने 13 मार्च 2015 को तीनों आरोपियों के खिलाफ घर में घुसकर सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में तीनों जमानत पर जेल से बाहर आ गए थे।
इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) प्रथम ईश्वर सिंह की अदालत में चल रही थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी ननदोई मौत हो चुकी है। मंगलवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर पीड़िता के देवरों को दोषी करार दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेश नगर ने दोषियों को सख्त सजा दिए जाने की पैरवी की।