सुल्तानठेर स्कूल के प्रधानाध्यापक संजीव की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी शिक्षक दंपती के भाई व उसके साथी को गिरफ्तार किया है। दोनों ने मामले में नामजद शिक्षक दंपती को संरक्षण दिया था। हालांकि, आरोपी अभी फरार हैं। पूछताछ के बाद पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपी का चालान कर दिया है।
गजरौला के सैफीनगर निवासी सुल्तानठेर के कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजीव कुमार ने एक अक्तूबर को स्कूल में ही फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मामले में पुलिस ने स्कूल के सहायक अध्यापक राघवेंद्र सिंह, उनकी पत्नी शिक्षक सरिता और बीएसए मोनिका के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की थी। राघवेंद्र और सरिता पर प्रधानाध्यापक को प्रताड़ित करने का आरोप था। जिसमें बीएसए की भी भूमिका होने की बात थी। उक्त आरोप प्रधानाध्यापक ने अपने सुसाइड नोट में लगाए थे। मामले की जांच के लिए डीएम ने एडीएम न्यायिक की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित की थी। टीम ने स्टाफ समेत अन्य लोगों के बयान दर्ज करते हुए दस्तावेज भी कब्जे में ले लिए थे।
उधर, मामले में नामजद राघवेंद्र व सरिता की गिरफ्तारी को पुलिस लगातार दबिश दे रही है, लेकिन वह हाथ नहीं लग पा रहे हैं। दंपती का मकान एमडीए काॅलोनी में है। जबकि, उनका मूल गांव आरकपुर थाना रजबपुर है। वहीं, पुलिस ने उनकी संपत्ति की कुर्की की तैयारी कर दी है।
उधर, रविवार को पुलिस ने आरोपी दंपती को संरक्षण देने के मामले में राघवेंद्र के भाई राजेंद्र उर्फ भूरा और उसके साथी कुलवंत निवासी गांव आरकपुर को गिरफ्तार कर लिया। सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि दोनों लगातार उन्हें संरक्षण दे रहे थे। रविवार को दोनों दिल्ली जाने की फिराक में थे, जहां पर राघवेंद्र व सरिता छिपे हैं। वह उन्हें खर्चा देने के लिए जा रहे थे। तभी ख्यालीपुर ढाल के पास से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जिसके बाद उनका चालान कर दिया गया है।