सबमर्सिबल पंप मिस्त्री की हत्या के मामले में उसके परिजनों ने आरोपी आरपीएफ कर्मियों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। भाई छोटू के मुताबिक आरोपी आरपीएफ कर्मी विनीत को गोशाला से हथकड़ी डालने के बाद ई रिक्शा में बैठा कर ले गए थे। जिसके ढाई घंटे बाद दो पुलिसकर्मी घर पहुंचे और विनीत को छोड़ने की बात कही थी लेकिन एक घंटे बाद भी विनीत घर नहीं पहुंचा तो परिजन आरपीएफ चौकी पहुंचे। लेकिन यहां आरपीएफ कर्मियों ने विनीत को पकड़ने से ही इन्कार कर दिया था।
इसके बाद रात चार बजे तक अमरोहा नगर कोतवाली और देहात पुलिस परिजनों के साथ विनीत को तलाश कराने में जुटी रही।
कोतवाली पुलिस ने भी आरपीएफ कर्मियों से विनीत के बारे में जानकारी की थी। बावजूद इसके आरपीएफ कर्मी विनीत को हिरासत में लेने से इनकार करते रहे। लेकिन दो घंटे बाद विनीत का शव मिलने सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। वहीं, परिजनों ने आरोपी आरपीएफ कर्मियों पर रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे की लोकेशन बदलने का आरोप लगाया है। मालूम रहे कि रेलवे स्टेशन के पास स्थित मोहल्ला डाक बंगला पीरगढ़ प्रेम नगर निवासी सबमर्सिबल पंप मिस्त्री विनीत को आरपीएफ चौकी पुलिस ने शनिवार को हिरासत में लिया था।
इसके बाद रविवार की सुबह उसका शव रेलवे ट्रैक किनारे पड़ा मिला। उसके शरीर पर चोट और नील के निशान थे। इससे मृत युवक के परिजनों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने आरपीएफ कर्मियों पर बैरक में पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। इस मामले में अमरोहा कोतवाली में आरपीएफ के चौकी प्रभारी समेत सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छुपाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ने नामजद चौकी इंचार्ज वीरेंद्र सिंह बिष्ट, कांस्टेबल दिवाकर, संजू, उस्मान, देवेंद्र ठाकुर निलंबित कर दिया है।