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Amroha News: बजट से व्यापारी खुश कुछ नाखुश, ढोलक कारोबारियों की उम्मीद भी टूटी

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अमरोहा/गजराैला। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीता रमण ने बृहस्पतिवार को अंतरिम बजट पेश किया। बजट को लेकर व्यापारी वर्ग की मिली जुली प्रतिक्रिया दी। कुछ व्यापारी ने बजट को हित में बता रहे हैं। कई व्यापारियों बजट को नकार दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके लिए कोई खास प्रावधान नहीं किया गया है। ढोलक कारोबार को भी कोई राहत नहीं मिली है। कारोबारी काफी उम्मीद लगाए बैठे थे। उन्होंने अमरोहा अमरोहा में इंडस्ट्रियल एरिया बनाने की मांग कर रखी थी। अंतिम बजट से ढोलक कारोबार के लिए कोई फायदा नहीं हुआ। अब ढोलक कारोबारियों को यूपी सरकार के बजट से उम्मीद बची है।
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अमरोहा में इंडस्ट्रियल एरिया बनाया जाने की उम्मीद थी। अंतिम बजट से ढोलक कारोबार के लिए कोई फायदा नहीं हुआ है। अब यूपी सरकार के बजट से उम्मीद बची है। ढोलक कारोबार से जुड़ी कारखाने में बिजली के बिल को काम किया जाए। कम से कम 10 प्रतिशत की छूट दी जाए। ढोलक का कारोबार अमरोहा का है, इसलिए लकड़ी का डिपो भी बनना चाहिए।
-शक्ति कुमार अग्रवाल, अध्यक्ष, लकड़ी हस्तकला एसोसिएशन



केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीता रमण ने पेश किए बजट में बजट में व्यापारियाें के हित में कोई प्रावधान नहीं किया। व्यापारी संपत्ति होने के बावजूद बैंक में ऋण लेने जाता है, बैंक स्टाफ उसे चक्कर लगवाता है। व्यापारियों को बिना जमानत के ऋण दिए जाने का प्रावधान करना चाहिए था।
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-सोनू गर्ग, व्यापारी
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व्यापारियों को अपना कारोबार करने के लिए काफी समय से व्यापार फंड की दरकार है। व्यापारी वर्ग उम्मीद लगाए बैठा था कि वित्त मंत्री व्यापार फंड की घोषणा करेंगी। लेकिन ऐसा नहीं किया। कुल मिलाकर बजट व्यापारियों के लिए हितकर नहीं है।
- संजीव माहेश्वरी उर्फ टोनी व्यापारी







व्यापारी वर्ग की उम्मीद थी कि बजट में जीएसटी की लंबी प्रक्रिया को सरल किया जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। आगामी लोकसभा चुनाव को देखकर भी बजट में व्यापारियों के लिए कोई रियायत नहीं की गई। जबकि बजट को लोक लुभावना बनाया जा सकता था।
- सुबोध सिंघल, प्रदेश संगठन मंत्री व्यापारी सुरक्षा फोरम
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नोट: इस प्रतिक्रिया को किसानों वाली में जोड़ें
बजट में किसानों के लिए कोई घोषणा नहीं की गई। एमएसपी गारंटी पर विचार नही किया गया। किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली देने का प्रावधान भी बजट में नहीं किया गया, जबकि किसान क्रेडिट कार्ड पर दस लाख रुपये तक का ऋण चार प्रतिशत ब्याज पर किए जाने की किसान उम्मीद पाले बैठे थे।
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- उपेंद्र सिंह, अध्यक्ष, पश्चिमी उत्तर प्रदेश राष्द्रीय किसान मजदूर संगठन
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