कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी में गंगा किनारे लग रहे मेले की तैयारियां शकरकंद, गन्ने की फसल खड़ी होने के कारण जोर नहीं पकड़ रही हैं। रास्ते बनाने और सेक्टर बनाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। मेला स्थल को दुकान, शिविर आदि लगाने के लिए समतल नहीं किया जा रहा है।
उत्तर भारत के प्रमुख मेलों में शुमार तिगरी कार्तिक पूर्णिमा पर लग रहे गंगा मेले की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। जिला प्रशासन का जोर है कि रास्ते और घाट बनाने से लेकर सभी काम 25 अक्तूबर तक पूर्ण हो जाने चाहिए। शौचालय से लेकर पेयजल आपूर्ति के लिए हैंडपंप लगाने का काम भी हो जाए। सभी सेक्टर भी बन जाएं। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जल की गहराई वाले स्थल पर टिन फेंसिंग, बैरिकेडिंग करने के भी निर्देश हैं। आला अफसरों की साफ हिदायत है कि मेले में आने वाले 20 लाख श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना न करना पड़े। मगर मेला स्थल पर शकरकंद और गन्ने की फसल खड़ी हैं। जिनके कारण मेले में काम करने में दिक्कत सामने आ रही है। फसलों के कारण रोड नहीं बन पा रही हैं। सेक्टर बनाने में भी परेशानी सामने आ रही है। फसलों के कारण मेला स्थल को समतल नहीं किया जा रहा है। जिससे मेले में दुकान, शिविर आदि लगाने में दिक्कत का सामना करना पड़ेगा।