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Amroha News: अंतिम संस्कार में आए तीन युवक गंगा में डूबे, दो को बचाया, एक की मौत

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गजरौला। सैदनगली थाना क्षेत्र के गांव कुंदरकी भूड़ निवासी 70 वर्षीय रामवती का अंतिम संस्कार में आए तीन युवक गंगा में डूब गए। तैराकों और दुकानदारों दो युवकों बमुश्किल बचा लिए। जबकि, विकुल रावत (25) को नहीं बचाया जा सका। उसकी डूब कर मौत हो गई। करीब दो घंटे बाद उसका शव बरामद किया गया। उसे सीएचसी ले जाया गया। जहां पर मृत घोषित कर दिया गया।
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रामवती का बीमारी के चलते रविवार की सुबह निधन हो जाने पर दोपहर परिजन अंतिम संस्कार के लिए तिगरी में लेकर आए। रिश्तेदारों, संंबंधियों के साथ ही गांव के ही विकुल रावत पुत्र प्रहलाद, अशेष पुत्र होराम और संभल के ऐचोड़ा कंबोह थाना क्षेत्र के रजहा निवासी ब्रजेश पुत्र सुरेश भी अंतिम संस्कार कराने आए थे। रामवती ब्रजेश की मौसी हैं। करीब दो बजे यहां गंगा तट पर अंतिम संस्कार के बाद सभी लोग गंगा में नहाने लगे। इस बीच विकुल, अशेष और ब्रजेश गहरे जल में समा गए। उनको डूबता देख बाकी लोगों ने शोर मचा दिया। जिस पर आस पास के दुकानदार, गोताखोर व तैराक गंगा में कूद पड़े।
खासी मशक्कत के बाद ब्रजेश व अशेष को बचा लिया गया, लेकिन विकुल हाथ नहीं लग सका। उसे तलाश करने के लिए गांव के तैराक, गोताखोरों व नाविकों को लगाया गया। सूचना पाकर एसडीएम चंद्रकांता व सीओ श्वेताभ भास्कर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने नाविकों और तैराकों को गहरे जल में खोजने के निर्देश दिए। करीब दो घंटे बाद विकुल का शव बरामद हुआ।
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ग्रामीणों के मुताबिक विकुल मजदूरी करता था। जबकि, उसके पिता डीसीएम चलाते हैं। मृतक विकल ने अपने पीछे पत्नी डॉली व एक बेटा व बेटी छोड़ा है। सीओ ने बताया कि मृतक के शव को अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया गया है।




















बेटे के डूबने पर बेहोश हो गए थे ब्रजेश के पिता

तिगरी गंगा में तीन युवक डूबने की खबर से हुजूम उमड़ पड़ा। जिसने भी सुना वह गंगा की तरफ दौड़ा। खासी मशक्कत के बाद ब्रजेश को बाहर निकाला गया। उसकी हालत देख उसके पिता सुरेश बेहोश हो गए थे। काफी देर बाद उनकी हालत में सुधार आया था। जिसके कुछ देर बाद पिता-पुत्र को मौके से भेज दिया गया।

चार दिन पूर्व डूबकर हुई मौसेरे भाइयों की मौत
तिगरी गंगा में अंतिम संस्कार के दौरान गंगा में नहाने वालों पर उनकी लापरवाही भारी पड़ रही है। बिना सोचे समझे गंगा में छलांग लगा देने के कारण उनकी जान जा रही है। चार अप्रैल को मंडी धनौरा का नितिन व अमरोहा के किशन गढ़ निवासी प्रिंस उर्फ पीयूष की डूबकर मौत हो गई। दोनों सगे मौसेरे भाई थे। जहां प्रिंस उर्फ पीयूष इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था, वहीं नितिन धनौरा में ही बिजली के बिल निकालने का काम करता था। दोनों धनौरा के सुभाष नगर मोहल्ला निवासी चंद्रवती का अंतिम संस्कार करने तिगरी में आए थे। स्नान के बाद गंगा में नहाते समय हादसा हो गया। उनके साथ नोएडा का पंकज भी डूब गया था, लेकिन उसे बचा लिया गया था।
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