घर में घुस कर प्रधान पद की उम्मीदवार के साथ मारपीट के दोषी को तीन साल की सजा
अमरोहा। घर में घुसकर प्रधान पद की उम्मीदवार से मारपीट करने के दोषी को न्यायालय ने तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
ये मामला आदमपुर थानाक्षेत्र के पौरारा गांव का है। यहां पर अनुसूचित जाति के गंगा प्रसाद का परिवार रहता है। उनकी पत्नी रूपवती ने 24 सितंबर 2010 को ग्राम प्रधान पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कराया था। लेकिन जांच के समय तत्कालीन निर्वाचन अधिकारी ने ये कहकर उसका नामांकन पत्र खारिज कर दिया कि वह अपमार्जन सूची में मृत घोषित है। जानकारी करने के पास चला कि गांव के ही रहने वाले कुछ लोगों ने मतदाता सूची में मृत लिखवाया था। आरोपियों ने ही गलत रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी भिजवाई थी। जबकि रूपवती जीवित है। जिस कारण वह अपने मत के अधिकार का भी प्रयोग नहीं कर सकी। रूपवती ने मामले की शिकायत थाना पुलिस पुलिस से की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। शिकायत से चिढ़कर आरोपी रंजिश मानने लगे। 11 फरवरी 2011 रूपवती अपने घर पर मौजूद थी। तभी गांव के ही रहने वाले जयपाल सिंह, जयवती, नानक सिंह, मुकेश, हल्का लेखपाल रंजीत की शह पर घर में घुस आए और गाली गलौज व मारपीट की। जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया। इस दौरान मोहल्ले के लोगों ने रूपवती को बमुश्किल बचाया था। पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की और बाद में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। ये मामला विशेष सत्र न्यायाधीश तृप्ता चौधरी की अदालत में विचाराधीन था। मंगलवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज सक्सेना ने पैरवी की। न्यायालय ने साक्ष्य और सबूतों के आधार पर मुकेश को दोषी करार दिया और तीन साल की सजा सुनाई। इसके अलावा सात हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज सक्सेना ने बताया कि इस मामले में अन्य आरोपियों को पहले ही सजा हो चुकी थी।