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Amroha News: हसनपुर-गजरौला व अमरोहा नगर पालिका ने सरकार को लगाया 2.15 करोड़ का चूना, ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा

Thu, 10 Aug 2023 01:21 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा

सार

राज्य सरकार की ऑडिट रिपोर्ट में नगर पालिका परिषदों के राजस्व क्षेत्र में फैली अनियमितताओं, लापरवाही और भ्रष्टाचार को उजागर किया गया है। इसमें पता चला है कि अफसरों की लापरवाही आर अनियमितताओं के चलते कई योजनाओं में कई प्रकार की खामियां रह गई थी। 
 
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अमरोहा नगर पालिका परिषद का कार्यालय - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अमरोहा जिले की हसनपुर, गजरौला और अमरोहा नगर पालिका परिषद के अधिकारियों ने लापरवाही व अनियमितताओं की वजह से सरकार को 2. 15 करोड़ से अधिक का चूना लगाया है। इसका खुलासा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की उत्तर प्रदेश के राज्य क्षेत्र की समीक्षा में हुआ है।

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रिपोर्ट की बात करें तो वर्ष 2017-18 में हसनपुर नगरपालिका में पर्याप्त मात्रा में सफाई कर्मचारी होते हुए भी ठेके पर नाला सफाई के लिए 20.63,773.00 का अमान्य भुगतान किया गया। मानक से अधिक सफाई कर्मचारी रखने से 3,80,92000 रुपये का अमान्य भुगतान किया गया।

साथ ही आयकर कटौती कम करने से 39.940.00 रुपये की राजस्व क्षति पहुंचाई। निर्धारित दर के स्टांप पर अनुबन्ध न करने से 1,83,016.00 रुपये की स्टांप शुल्क से कुल 6.03,876.00 रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है।
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इसके अलावा जल मूल्य शासन द्वारा निर्धारित दर से कम दर पर लिये जाने से पालिका को 3,02,250.00 रुपये प्रतिवर्ष की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। वहीं विगत वर्षों के ठेके की बकाया धनराशि वसूल नहीं किए जाने से पालिका को 7,10,231.00 रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाया है।

अमरोहा नगर पालिका परिषद में भी इसी साल शासन द्वारा निर्धारित दर से कम दर पर जल मूल्य वसूल किए जाने से 62,53,920.00 रुपये की प्रतिवर्ष चूना लगाया गया। किराये की बकाया राशि वसूल नहीं करने से पालिका को 3,57,856.00 रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई।

गजरौला नगर पालिका परिषद के अधिकारियों ने भी इस साल सरकार को खूब चूना लगाया है। यहां पर मानक से अधिक सफाई कर्मचारी रखने से सफाई मद में 3,79,750.00 रुपये का अनियमित एवं अग्राह्य भुगतान किया गया।

इतना ही नहीं पालिका की रोकड़ बही और बैंक पासबुक में 1,05,08,995.00 रुपये के अंतर मिला है। जिसे बैंक समाधान विवरण द्वारा स्पष्ट नहीं बड़ी अनियमित माना गया है।वहीं नाला निर्माण कार्य में निविदा दर से 10 प्रतिशत से अधिक कम होने पर भी परफोर्मेन्स गारंटी जमानत नहीं लिया गया।

साथ ही स्वीकृति से अधिक कार्य और आयकर, व्यापार कर की कटौती नहीं किए जाने से राजस्व की क्षति पहुंचाई गई। साथ ही 3,31,430.00 रुपये अनियमित भुगतान किया है। मालूम रहे कि मंगलवार को जारी सीएजी रिपोर्ट में राजस्व क्षेत्र में फैली अनियमितताओं, लापरवाही और भ्रष्टाचार को उजागर किया गया है।

राजस्व जुटाने वाले पांच विभागों ने सरकारी खजाने को केवल एक साल में 3,640 करोड़ का नुकसान पहुंचाया है। ईओ डॉ.बृजेश सिंह का कहना है कि मामला उनके आने से पहला का है। नगर पालिका दुकानों से किराये की वसूली करती है और शासन द्वारा निर्धारित दर पर विभिन्न तरह के कर की वसूली करती है।

दुकान के किराये की वसूली दुकानदारों से होती है और विभिन्न तरह के कर की वसूली शहर में रहने वाले लोगों से होती है। कई बार ऐसा होता है कि सरकार द्वारा निर्धारित कर की वसूली नहीं हो पाती हैं तो उसे अगले महीने या साल में जुर्माने सहित वसूला जाता है।
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इन्हीं चीजों के लिए हर साल ऑडिट होता है। वर्ष 2017-18 में हुई क्षति अगले साल पुरी की गई होगी ऐसी उम्मीद है।

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