भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) में नौकरी स्थाई कराने के नाम पर जनरल स्टोर संचालक ने सेवानिवृत्त शिक्षक से तीन लाख रुपये हड़प लिए। पांच साल बाद भी न तो नौकरी स्थाई हुई और न रुपये वापस मिले। पीड़ित रिटायर्ड शिक्षक की तहरीर पर नौगांवा सादात पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अमानत में खयानत की एफआईआर दर्ज की है।
नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के गांव काजीपुरा में रिटायर्ड शिक्षक करन सिंह का परिवार रहता है। उनका बेटा सचिन कुमार भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) में अस्थाई तौर पर नौकरी करते हैं। स्थाई नौकरी के लिए मामला प्रयागराज हाई कोर्ट में विचाराधीन है। आरोप है कि रिटायर्ड शिक्षक करन सिंह की मुलाकात बिजनौर जनपद में स्योहारा थानाक्षेत्र के मोहल्ला बड़ा बाजार निवासी मुकेश रस्तोगी से हुई थी। मुकेश रस्तोगी किराना स्टोर से चलाते हैं। आरोप है कि उन्होंने नौकरी परमानेंट के लिए चल रहे न्यायालय में मुकदमा तीन महीने के भीतर पक्ष में कराने का झांसा दिया। सौदा चार लाख रुपये में तय हुआ था। जिसमें यह शर्त रखी गई कि यदि तीन माह के अंदर केस नहीं सुलझता है तो एक लाख रुपये खर्चे के काटकर शेष तीन लाख रुपये वापस कर दिए जाएंगे। मामला बेटे की नौकरी का था इसलिए करन सिंह ने चार लाख रुपये मुकेश रस्तोगी के खाते में ट्रांसफर कर दिए। लेकिन तब से अब तक न तो सचिन कुमार परमानेंट हुआ और न आरोपी मुकेश कुमार रस्तोगी ने उनके रुपये वापस किए। पीड़ित रिटायर्ड शिक्षक ने नौगांवा सादात थाने में तहरीर देकर तीन लाख रुपये ठगने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। इंस्पेक्टर संत कुमार ने बताया कि मामले में आरोपी मुकेश कुमार रस्तोगी के खिलाफ अमानत में खयानत की एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।