सुल्तानठेर संविलियन विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजीव कुमार को आत्महत्या के लिए उकसाने में नामजद शिक्षक दंपती की गिरफ्तारी 17 दिन बाद भी नहीं की गई। एसपी के आश्वासन की मियाद भी बीत गई। अब परिजन दोबारा एसपी से मिल कर गिरफ्तारी की मांग उठाएंगे।
सुल्तानठेर के संविलियन विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजीव कुमार ने एक अक्तूबर सुबह स्कूल में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने स्कूल के सहायक अध्यापक राघवेंद्र सिंह और उनकी पत्नी सरिता सिंह के उत्पीड़न से तंग आकर जीवन लीला समाप्त की। खुदकुशी करने से पहले उन्होंने सुसाइड नोट में बीएसए डॉ.मोनिका, राघवेंद्र सिंह और उनकी पत्नी सरिता सिंह को जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस ने बीएसए, राघवेंद्र सिंह, सरिता सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की।
वहीं, घटना को 17 दिन बीत गए, लेकिन आरोपी सहायक अध्यापक राघवेंद्र सिंह और उनकी पत्नी सरिता सिंह की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। उधर, संजीव कुमार का बेटा अनुज सिंह और परिजन 14 अक्तूबर को एसपी कुंवर अनपुम सिंह से मिले थे। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। परिजनों का कहना है कि एसपी ने दो दिन में गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था, लेकिन तीन दिन बीत गए। पुलिस गिरफ्तार करने में नाकाम है। इंस्पेक्टर सुधीर कुमार का कहना है कि अभी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
प्रयागराज से भी खाली हाथ लौट आई पुलिस
पुलिस को सूचना मिली थी कि शिक्षक राघवेंद्र सिंह व उनकी पत्नी सरिता सिंह गाजियाबाद, दिल्ली या बुलंदशहर में छिपे हो सकते हैं। इसके अलावा यह भी जानकारी मिली थी कि वह प्रयागराज न्यायालय में आत्म समर्पण कर सकते हैं। पुलिस ने दिल्ली, गाजियाबाद व बुलंदशहर में संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन हाथ नहीं लगे। प्रयागराज गई टीम भी खाली हाथ लौट आई। उधर परिजनों का आरोप है कि पुलिस गिरफ्तारी में लापरवाही बरत रही है।