अमरोहा। जनपद में दिल का दौरा पड़ने से लगातार लोगों की मौत हो रही है। लेकिन, स्थिति यह है कि जनपद के किसी भी सरकारी अस्पताल में दिल का डॉक्टर नहीं है। जिला अस्पताल की भी यही स्थिति है। यहां पहुंचने वाले दिल के मरीजों को फिजीशियन चेकअप कर दवा लिख रहे हैं। यह स्थिति तब है जब रोजाना हार्ट की दिक्कत के 10 से 12 मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहीं, गंभीर हालत में मरीज को मेरठ या मुरादाबाद के लिए रेफर किया जाता है।
एक तरफ सरकार लोगों को सरकारी अस्पतालों में बेहतर उपचार देने का दावा कर रही है। वहीं जिला अस्पताल में ने तो कार्डियोलॉजिस्ट है और न चेस्ट फिजिशियन तैनात हैं। डॉक्टर न होने के कारण इन बीमारियों से जुड़े मरीजों को फिजिशियन देख रहे हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चरन सिंह ने बताया कि आज तक कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हुई। चेस्ट फिजिशियन और कार्डियोलॉजिस्ट के एक-एक पदों पर आज तक डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी। जिस कारण हल्की दिक्कत वाले मरीज को जनरल फिजिशियन देखते हैं, गंभीर दिक्कत होने पर मरीजों को बाहर रेफर कर दिया जाता है।
जिला अस्पताल में आज तक कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हुई है। लगातार शासन को पत्र लिखा जाता है। जल्द ही कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती होने की उम्मीद है।- डॉ. चरन सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
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