जैनुल डिडौली कोतवाली क्षेत्र के चौधरपुर गांव निवासी अब्दुल कयूम अली के बेटे थे। छह भाई बहनों में सबसे छोटे जैनुल चौधरपुर अड्डे पर धर्मकांटा चलाते थे। सोमवार शाम धर्मकांटे पर चालक लकड़ी से लदे ट्रक का वजन कराने आया था। इस दौरान आगे पीछे करते समय ट्रक धर्मकांटे के कमरे से टकरा गया। ट्रक की टक्कर लगते ही कमरे की छत भरभराकर गिर गई। कमरे में बैठकर ट्रक का वजन तौल रहे जैनुल मलबे में दब गए।
पुलिस और ग्रामीणों ने मलबा हटाकर जैनुल को बाहर निकाला। अचेत अवस्था में जैनुल को निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम करने के लिए शव को कब्जे में ले लिया। लेकिन, परिजनों ने किसी भी कार्रवाई कराने से इन्कार कर दिया और बाद में बिना पोस्टमार्टम कराए शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया है। सीओ सिटी अरुण कुमार ने बताया कि परिजनों ने मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कराई है।