अमरोहा। ऑनलाइन हाजिरी व डिजिटाइजेशन को लेकर चल रहे शिक्षक संगठनों के विरोध के बाद सरकार ने शिक्षकों को फिलहाल राहत दी है। दो माह के लिए ऑनलाइन हाजिरी की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। हालांकि शिक्षक संगठनों का कहना है कि उनकी मांगों को मांगे जाने के बाद ही विरोध खत्म हो सकेगा।
सरकार ने आठ जुलाई से सभी परिषदीय स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी समेत 12 पंजिकाओं को ऑनलाइन भरे जाने का आदेश जारी किया था। लेकिन इसके बाद से ही शिक्षक संगठन इसको लेकर मुखर हो गए थे। सोमवार को कलक्ट्रेट व बीएसए कार्यालय पर भी शिक्षकों ने एकत्र होकर अपना विरोध दर्ज कराया था। शिक्षकों के इस विरोध में शिक्षामित्र व अनुदेशक भी शामिल हो गए थे। शिक्षकों के भारी विरोध को देखते हुए अब सरकार ने फिलहाल दो महीने के लिए ऑनलाइन हाजिरी में राहत दे दी है। हालांकि, सरकार का फैसला आने से पहले हसनपुर में प्राथमिक शिक्षक संघ और जूनियर शिक्षक संघ ने सामूहिक रूप से ब्लॉक के 33 संकुल शिक्षकों ने इस्तीफा दे दिया था। वहीं, गजरौला में भी संकुल शिक्षकों और शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों ने डिजिटल उपस्थिति के विरोध में खंड शिक्षा अधिकारी के प्रतिनिधि को अपना इस्तीफा दिया।
-
सरकार ने फिलहाल ऑनलाइन हाजिरी पर राहत दी है। लेकिन मांगों के संबंध में समझौता नहीं किया जाएगा। शिक्षकों की मूलभूत समस्याओं को समझते हुए ऑनलाइन हाजिरी में राहत देनी चाहिए। जीत हुई है, लेकिन संघर्ष जारी रहेगा। - मुकेश चौधरी, जिला मंत्री, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ
शासन द्वारा शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी को दो माह के लिए स्थगित करना शिक्षकों की समस्याओं का कोई हल नहीं है। शिक्षकों की मुख्य मांग हाफ सीएल, 30 ईएल व कैशलेस चिकित्सा हैं। जिनके पूरा होने तक शिक्षक संघर्ष करते रहेंगे, बाकी जो प्रांतीय नेतृत्व का निर्णय रहेगा, उसको माना जाएगा। - राजदीप सिंह, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ
-