फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amroha News: बुनियादी शिक्षा का हाल...चटाई पर नौनिहाल

विज्ञापन
विज्ञापन
अमरोहा। बेसिक स्कूलों में सुविधाओं के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। बुनियादी शिक्षा का हाल जिले में बेहाल है। फर्नीचर की बात तो दूर बच्चों के बैठने के लिए ठीक से टाट पट्टी का भी इंतजाम नहीं है। बच्चे चटाई पर बैठने को मजबूर हैं। शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा भी अधिकतर विद्यालयों में नहीं हैं। कहीं बच्चे खुले में पढ़ने को मजबूर हैं तो कहीं जर्जर भवन में बच्चे पढ़ रहे हैं। कई स्कूलों में बच्चों को पेयजल के लिए लगाए गए सरकारी हैंडपंप भी खराब पड़े हुए हैं। बृहस्पतिवार को अमर उजाला की पड़ताल में बेसिक स्कूलों की स्थिति चौंकाने वाली मिली है। कहीं स्कूलों के भवन जर्जर होने से एक ही कक्षा में बैठकर बच्चे पढ़ने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

-

कंपोजिट विद्यालय कांकर खेड़ा ब्लॉक अमरोहा
अमरोहा। सदर ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय कांकरखेड़ा में बच्चों की संख्या भी पूरी नहीं थी। 55 बच्चों में केवल 41 उपस्थिति रहे। विद्यालय में शौचालय की स्थिति बेहद खराब पाई गई। शौचालयों में सीट को सीमेंट से पाट दिया गया। जिससे बच्चों को शौच व लघुशंका के लिए जाने में परेशानी उठानी पड़ती है। उधर, प्राथमिक विद्यालय चक धावड़ी विद्यालय में साफ-सफाई की स्थिति ठीक नहीं है। परिसर में घास व झाड़ियां खड़ी हुई हैं। संवाद

फर्श पर बैठकर पढ़ाई कर रहे बच्चे
गजरौला। नगर पालिका के निकट उच्च प्राथमिक विद्यालय है। जिसमें 507 विद्यार्थी हैं। यहां पर 145 छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए ही बेंच है। जिन पर कक्षा छह, सात और आठ के विद्यार्थी बैठ कर पढ़ाई करते हैं, जबकि बाकी विद्यार्थी फर्श पर टाट की पट्टी पर बैठते हैं। बृहस्पतिवार सुबह दस बजे उच्च प्राथमिक विद्यालय में छात्र-छात्रा फर्श पर बिछी टाटपट्टी पर बैठकर पढ़ाई करते पाए गए। प्रधानाध्यापिका रेखा रानी का बेंच के लिए मांग पत्र भेजा गया है। संवाद
विज्ञापन

-

स्कूल जाने का रास्ता भी खराब
हसनपुर। ब्लॉक क्षेत्र के गांव चौकूनी के प्राथमिक विद्यालय में फर्नीचर नहीं है। बच्चे फर्श पर बिछी पट्टी पर बैठकर पढ़ रहे हैं। बृहस्पतिवार दोपहर को प्रधानाध्यापक दिनेश कुमार बच्चों को पढ़ा रहे थे। विद्यालय में 48 छात्रों का रजिस्ट्रेशन है लेकिन मौके पर 25 ही मिले। प्रधानाध्यापक ने बताया कि गांव से विद्यालय को आने एवं जाने वाला रास्ता भी खराब है। जिससे आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। संवाद


भवन जर्जर, एक ही कमरे में पढ़ाई कर रहे बच्चे
ढबारसी। प्राथमिक विद्यालय सांथलपुर द्वितीय में सुबह साढ़े ग्यारह बजे सहायक अध्यापक अजय कुमार पढ़ाते मिले। इंचार्ज अध्यापक छुट्टी पर थे। करीब 45 बच्चे फर्श पर बैठकर पढ़ते मिले। सहायक अध्यापक ने बताया कि जल्द ही फर्नीचर विद्यालय के लिए मिलने वाला है। विद्यालय का भवन जर्जर होने की वजह से एक ही कमरे में सभी बच्चों को शिफ्ट कर रखा है। विद्यालय में जलभराव होने की वजह से परिसर में गड्ढा खोदा हुआ है। प्रधान की लापरवाही की वजह से उसका निर्माण पूरा नहीं हो पा रहा है। जिससे उसमें बच्चों के गिरने का खतरा बना रहता है। वहीं, उच्च प्राथमिक विद्यालय फत्तेहपुर में हैंडपंप खराब होने से बच्चों को पेयजल की दिक्कत बनी रहती है। संवाद


हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में पढ़ रहे बच्चे
आदमपुर। गंगेश्वरी ब्लॉक के गांव दौरारा में उच्च प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर होने की वजह से बच्चों को पास में ही स्थित एक हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में बने कमरे में पढ़ाया जा रहा है। प्राथमिक विद्यालय सांथलपुर चक की मढ़ैया में 44 बच्चे पंजीकृत हैं, जबकि मौके पर 30 बच्चे उपस्थित मिले। सुबह साढ़े ग्यारह बजे प्राथमिक विद्यालय रूपानांगल में शिक्षक सुधीर कुमार बच्चों को पढ़ाते मिले। यहां भी फर्नीचर न होने से बच्चे फर्श पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करते हैं। संवाद


स्कूलों में फर्नीचर के लिए शासन से 40 लाख रुपये का बजट मिला है। जल्द ही स्कूलों में जरूरत के अनुसार फर्नीचर की व्यवस्था की जाएगी। वहीं स्कूलों की स्थिति सुधारने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। जहां स्कूलों की स्थिति ठीक नहीं उसके लिए सभी बीईओ से रिपोर्ट मांगी जा रही है।
विज्ञापन

- डॉ. मोनिका, बीएसए
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें