नौगांवा सादात। पांच मोहर्रम को दो मातमी जुलूस बरामद हुए। पहला अंजुमन-ए-आबिदिया के संयोजन में इमामबाड़ा दौलत शहीद से तो दूसरा अंजुमन सौगवारान-ए-हुसैनी की निगरानी में निकला। इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए जंजीर का मातम कर खुद को लहूलुहान कर लिया।
शुक्रवार दोपहर एक बजे जुलूस की शुरुआत में मोहर्रम अली व हमनवां ने मर्सिया पढ़कर की। अली अब्बास ने रुबाई पढ़ी। बाद में जुलजनाह, अलम मुबारक व जरी बरामद की गई। मातमी धुन के बीच आगे बढ़ा जुलूस जब मजहर-ए-कर्बला पहुंचा तो मौलाना ने औन-ओ-मोहम्मद के मसायब बयां किए। जिसे सुनकर अजादारों की आखें नम हो गईं। कायम हुसैन के मकान से शबीह-ए-ताबूत बरामद हुआ। संचालन अली हैदर व करामत अली आदि ने किया। इस दौरान शाह रजा शाही, इकराम हैदर, मुर्शरफ अली, मोहम्मद नदीम आदि मौजूद रहे।
वहीं, इसी इमामबाड़े से एक और जुलूस अंजुमन सोगवार-ए-हुसैनी के संयोजन में निकला। अजादारों ने मोहल्ला शाहफरीद में जंजीर का मातम कर खुद को लहूलुहान कर लिया। इस दौरान अंजुमन के अध्यक्ष करीम हैदर, सचिव हैदर मेहंदी, जहीर हसन आदि मौजूद रहे।
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