अमरोहा। केतवाली पंडकी गांव में धर्मशाला के पास दिवंगत गनेशी का परिवार रहता है। उनकी पत्नी शीला अपने दो बेटे विशाल और मोहित के साथ रहती हैं। रोज की तरह मंगलवार की सुबह छह बजे शीला देवी अपने दोनों बेटों के साथ खेत पर चली गई थीं। जिसके बाद शाम पांच बजे उनका बेटा विशाल घर से फसल पर दवाई स्प्रे करने वाली मशीन लेने पहुंचा। इस दौरान जैसे ही विशाल ने अपने घर का दरवाजा खोला तो भीतर माहिर अचेत अवस्था में पड़ा हुआ था। बच्चे को देखकर विशाल घबरा गया और उसने तुरंत शोर मचा दिया।
दोपहर से लेकर माहिर की तलाश कर रहे परिजन मौके पर पहुंच गए और तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लेकिन बड़ी बात ये है कि शीला देवी के घर का मुख्य दरवाजा लोहे का है, लेकिन दरवाजे का कुछ हिस्सा गल गया है। जिसे कपड़े से बंद कर रखा है। ऐसे में चार साल का माहिर बंद घर में कैसे घुसा।
परिजनों ने बताया कि माहिर आठ दिन पहले भी शीला के घर के दरवाजे पर बेहोशी की हालत में पड़ा मिला था। इस दौरान परिवार के लोगों ने चेहरे पर पानी डालकर उसे होश में लेकर आए और ये समझा कि उसे दौरा पड़ा है। फिलहाल माहिर के शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही माहिर की हत्या का राज खुलेगा कि उसकी मौत कैसे हुई। उसके चेहरे पर चोट के निशान कैसे हैं।