डिडौली कोतवाली क्षेत्र में कानपुर में तैनात तहसीलदार के भाई रतन प्रताप सिंह की हत्या बेरहमी से की गई थी। आशंका है कि उनके सिर पर रॉड से छह से अधिक वार किए गए थे। सिर में गहरी चोट लगने के कारण उनकी मौत हुई। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। वहीं पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जिसके आधार पर पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं।
बरेली जनपद के नवाबगंज थानाक्षेत्र के गांव हरदुआ किफायतुल्ला में रहने वाले राम स्वरूप सिंह के बड़े बेटे रणविजय सिंह कानपुर में तहसीलदार हैं। जबकि सबसे छोटा बेटा राकेश सिंह अमरोहा में लेखपाल हैं। दूसरे नंबर का बेटा रतन प्रताप सिंह हाईवे स्थित एक फैक्टरी में नौकरी करते थे। रतन प्रताप सिंह अपनी पत्नी रेखा और दो बच्चों के साथ डिडौली में किराये के मकान में रहते थे। रविवार सुबह रतन प्रताप सिंह ड्यूटी करने के लिए फैक्टरी गए थे लेकिन वह वापस नहीं आए।
सोमवार सुबह रतन प्रताप सिंह का शव डिडौली कोतवाली क्षेत्र के पतेई-ढकिया गांव के जंगल में लौकी के खेत में पड़ा मिला।रतन प्रताप सिंह के सिर पर चोट के निशान मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि सिर पर रॉड से वार करके उनकी हत्या की गई है। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया। इस मामले में पुलिस रतन प्रताप सिंह के करीबियों पर हत्या का शक जता रही है। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि रतन प्रताप सिंह के सिर पर छह से अधिक वार किए थे। उनके सिर पर छह चोट के निशान मिले हैं। सिर में गहरी चोट लगने की वजह से उनकी मौत हुई थी। सीओ विजय कुमार राणा ने बताया कि हत्या की कई बिंदुओं पर जांच चल रही है। कई संदिग्धों से पूछताछ की गई है। जल्द की घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।