अमरोहा। मास्टर प्लान-2031 का खाका तैयार होने के साथ उम्मीद जगी कि जल्द ही अमरोहा और आसपास के इलाके की तस्वीर बदल जाएगी। जिला स्तर से लेकर शासन स्तर तक मास्टर प्लान को प्रस्तुतिकरण भी हो चुका है। लेकिन, अभी तक यह मास्टर प्लान शासन से स्वीकृत नहीं हो पाया है। अधिकारी भी इस इंतजार में है कि शासन से मंजूरी मिले तो आगे की प्रक्रिया बढ़ाई जाए। हालांकि, माना जा रहा है कि जल्द ही इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। जिससे अमरोहा के विकास को नए आयाम मिले सकेंगे।
अमरोहा की जनता को सुविधाओं की सौगात देने के लिए शासन के निर्देश पर छह महीने पूर्व प्रशासन ने मास्टर प्लान का खाका तैयार किया था। सेंटर फॉर सिम्बायोसिस ऑफ टेक्नोलॉजी एन्वायरमेंट एंड मैनेजमेंट (स्टेम) ने अमरोहा शहर, जोया और 35 गांव का जीआईएस आधारित सर्वे किया था। जिसके आधार पर तैयार हुए मास्टर प्लान का पिछले दिनों लखनऊ में प्रस्तुतिकरण किया गया था। मास्टर प्लान साल 2031 की जनसंख्या को ध्यान में रखकर तैयार किया गया। जिसके मुताबिक शहर की जनसंख्या 2031 में 4 लाख 13 हजार 820 तक पहुंचने का अनुमान है। उसी हिसाब से यहां सुविधाओं को दायरा बढ़ा दिया जाएगा।
आपत्तियों के निस्तारण के बाद तैयार हुआ था मास्टर प्लान
मास्टर प्लान की कमियों को दूर करने के लिए प्रशासन ने आपत्तियां भी मांगी थी। जिसमें 187 आपत्तियां दर्ज की गई थीं। शासन ने आपत्तियों का निस्तारण कर लखनऊ में इसका प्रस्तुतिकरण किया था। मास्टर प्लान में शामिल योजनाओं को लेकर शासन स्तर से उसे सराहा गया था। लेकिन, अभी उस पर मुहर नहीं लग सकी है। अब शासन की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
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34 गांव भी हुए थे शामिल
महायोजना में शहर के साथ आसपास के 34 गांव भी शामिल हुए। जिनमें अकबरपुर पट्टी, मोहम्मदपुर, निजामपु गवां, मोहम्मदपुर भूड़ा, फाजिलपुर, गुलड़िया, खालकपुर, कलाली, मिलक मोहम्मदी, मकनपुर स्वाद, अमरोहा देहात, दासीपुर, मोहनपुर जानिब, दूल्हापुर आदि गांव शामिल हुए। महायोजना के लागू होते ही इन गांवों में विकास के पंख लग जाएंगे।
बनेगी रिंग रोड और पार्क
महायोजना के लागू होते ही सड़कें तो चौड़ी होंग जाएंगी। साथ ही जाम से निजात दिलाने के लिए रिंग रोड बनाने की योजना समेत कई प्रस्ताव महायोजना में शामिल किये गए हैं। वहीं, बच्चों के लिए पार्क, खेल के मैदान बनने के प्रस्ताव हैं। वहीं, मुख्य सड़क सहित हरित पट्टी के लिए 183.44 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित है। सड़के 45 मीटर चौड़ी बनाई जाएंगी। पैदल यात्रियों के लिए पैदल पथ की सुविधा का प्रस्ताव भी रखा गया है।
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पांच महीने पहले आपत्तियों का निस्तारण कर मास्टर प्लान तैयार किया जा चुका है। मंडल व जिला स्तर पर होने वाली बैठकों में इस पर मंथन किया जा रहा है। लगातार इस पर चर्चा भी हो रही है। अब शासन की मंजूरी मिलने का इंतजार है। मंजूरी मिलते योजनाओं पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
-सुरेंद्र सिंह चहल, एडीएम