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खेत में कटी और गिरी धान की फसल हुई बर्बाद

सार

खेत में कटी और गिरी धान की फसल हुई बर्बाद अमरोहा।खेतों में खड़ी फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है।इस बार फसल के अच्छे दाम मिलने की उम्मीद लगाए बैठे किसानों के सारे सपने टूट गए।
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खेत में कटी और गिरी धान की फसल हुई बर्बाद
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अमरोहा। बेमौसम बारिश ने फसलों के साथ किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। लगातार बूंदाबांदी और बारिश के चलते खेतों में भरा पानी नहीं सूखा है। जमीन पर पड़े धान से पौधे जमने लगे हैं। खेतों में खड़ी फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। धान, उड़द, आलू, और सब्जी की फसल गलने के कगार पर पहुंच गई है। बारिश से न केवल फसल ही बर्बाद हुई है, बल्कि कई किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया है। इस बार फसल के अच्छे दाम मिलने की उम्मीद लगाए बैठे किसानों के सारे सपने टूट गए। अब उन्हें सरकार से मिलने वाले औने-पौने मुआवजे से ही संतोष करना पडे़गा।
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जिले में करीब 26 हजार हेक्टेयर जमीन में धान की फसल थी। अब फसल पूरी तरह पक चुकी है। करीब बीस फीसदी किसानों ने धान की फसल की कटाई कर चुके हैं, लेकिन शुक्रवार व शनिवार को हुई बेमौसम बरसात की मार क्षेत्र में धान की फसल पर पड़ी है। सबसे ज्यादा नुकसान कटे हुए धान को हुआ है। बरसात का पानी भर गया है जो अभी तक खेतों से नहीं निकल पाया। बेमौसम हुई बरसात ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। किसानों का कहना है कि बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा जल्द से जल्द मिलना चाहिए। यदि मुआवजा नहीं मिलता है तो नुकसान की भरपाई नहीं हो पाएगी। दीपावली का त्योहार भी फीका रह जाएगा। जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि इस बारिश से धान की कटी और गिरी फसल को नुकसान है। सब्जी की पौध भी बेकार हो जाएगी। लगातार नमी रहने से सब्जी की फसल गल जाएगी, लेकिन सरकार 33 फीसदी नुकसान होने पर ही मुआवजा मिल सकेगा। इससे कम पर मुआवजे का प्रावधान नहीं हैं। अगर शासन से सर्वे कराने के निर्देश मिलते हैं तो नुकसान का सर्वे कराकर रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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