अमरोहा। तहसील धनौरा क्षेत्र के गांव टोनिया माफी के ग्रामीणों ने प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में अपने गांव की भूमि को शामिल किए जाने के विरोध में कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। डीएम को ज्ञापन सौंपकर बताया कि परियोजना से संबंधित आधिकारिक सूची में उनके गांव का नाम शामिल नहीं है, इसके बावजूद गांव की भूमि की पैमाइश कराई जा रही है, जिससे किसानों में चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।ग्रामीणों के अनुसार हल्का लेखपाल द्वारा गांव में भूमि की पैमाइश की जा रही थी। जब ग्रामीणों ने इसका कारण पूछा तो उन्हें बताया गया कि अमरोहा से हरिद्वार तक प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेसवे के लिए भूमि चिह्नित की जा रही है और इस परियोजना में गांव टोनिया माफी की लगभग 1200 बीघा भूमि प्रभावित हो सकती है। यह जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने तहसील धनौरा पहुंचकर परियोजना से संबंधित अभिलेखों की जानकारी जुटाई। ग्रामीणों का कहना है कि एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओर से 9 अप्रैल को जारी पत्र में जिन 179 गांवों की सूची भूमि अधिग्रहण और बंदोबस्ती मानचित्रों के लिए भेजी गई है, उसमें ग्राम टोनिया माफी का नाम शामिल नहीं है। जबकि गांव के आसपास स्थित भटौला शुमाली, पेली, खंडसाल और रछौती जैसे गांव सूची में दर्ज हैं। ऐसे में टोनिया माफी की भूमि को परियोजना में शामिल किया जाना उचित नहीं है। ग्रामीणों ने डीएम से मांग करते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया केवल अधिकृत सूची में शामिल गांवों तक सीमित रखी जाए और टोनिया माफी की भूमि को गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना से बाहर रखा जाए। साथ ही ग्रामीणों ने कहा कि जब गांव का नाम आधिकारिक सूची में नहीं है तो उसकी भूमि की पैमाइश किस आधार पर की जा रही है। इस दौरान राजेंद्र सिंह, महावीर सिंह, रामभरोसे, धर्मवीर, मोहित कुमार, सुभाष सिंह, ओमवीर सिंह मौजूद रहे। संवाद