अमरोहा। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के पदाधिकारियों ने नई शिक्षा नीति में शिक्षामित्रों को सम्मलित कर इनका भविष्य सुरक्षित करने समेत छह सूत्री मांग से संबंधित ज्ञापन भेजा।
प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में जिलाध्यक्ष सुधीर पोसवाल ने कहा कि प्रदेश के शिक्षा मित्र प्राथमिक विद्यालयों में पिछले 22 वर्ष से वर्षों से गांव के गरीब, शोषित, वंचित, पिछड़ों के बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। लगभग डेढ़ लाख शिक्षामित्र आज अपने बच्चों की पढ़ाई, परिवार की परवरिश, दवाई, बच्चों की शादी आदि को लेकर चिंतित हैं। प्रदेश के शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय हो चुकी है। आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। उनकी मांग है कि नियमावली में संशोधन काल शिक्षामित्रों को पुनः समायोजित, नियमित किया जाए, समायोजन प्रक्रिया पूर्ण होने तक 12 माह 62 वर्ष की सेवा काल सुरक्षित सम्मानजनक वेतन दिया जाए। टीईटी पास शिक्षामित्रों को नियमों में शिथिलता देते हुए सहायक अध्यापक पर नियुक्त किया जाए। ज्ञापन भेजने वालों में नरेंद्र सिंह, वरुण कुमार, शिवप्रकाश शर्मा, ओमसरन तोमर, गजेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह आदि मौजूद रहे।