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Amroha News: मदद राशि देने पहुंचे तहसीलदार को किसानों ने वापस लौटाया

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रजबपुर(अमरोहा)। सात दिन पूर्व गांव कूबी में धरने के दौरान हुई किसान सुरेंद्र शर्मा की मौत से ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। जिसका असर शुक्रवार को उस दौरान देखने को मिला जब तहसीलदार किसान के परिजनों को एक लाख की सहायता राशि देने पहुंचे। इस पर किसानों ने तहसीलदार को प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए लौटा दिया। आरोप लगाया कि प्रशासन ने पांच लाख दिलाने का वादा किया था, लेकिन मात्र एक लाख दिया जाना उचित नहीं है।
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2011 में मध्य गंगा नहर में गांव रामपुर घना, कूबी व मोहनपुर के किसानों की जमीन अधिगृहीत की गई थी। लेकिन, किसानों को मुआवजा नहीं मिल सका था। उसके बाद फरवरी 2023 में किसानों ने कूबी में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था। बीते रविवार को किसान सुरेंद्र शर्मा धरनास्थल पर बैठे हुए थे। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। बाद में हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। जिसके बाद गुस्साए किसानों ने धरनास्थल पर ही उनका शव रखकर हंगामा किया था।
एडीएम न्यायिक मायाशंकर यादव व एसडीएम सदर सुधीर कुमार सिंह ने किसानों से मृतक के परिवार को दस लाख रुपये दो दिन में दिलवाने और 25 लाख रुपये के लिए शासन को पत्र भेजने, एक पट्टा करने का आश्वासन दिया था। शुक्रवार को ग्राम प्रधान देवेंद्र सिंह व अन्य ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां डीएम व एडीएम से मुलाकात कर मुआवजा दिलाने की मांग की। डीएम ने पांच लाख रुपये शुक्रवार को देने की बात कही थी।
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जिसके बाद शाम को तहसीलदार सदर हेमंत कुमार एक लाख रुपये लेकर मृतक के घर पहुंचे। पता चलते ही ग्राम प्रधान, किसान नेता मायाराम सिंह आदि भी वहां पहुंच गए। जिसके बाद मृतक के परिजनों ने एक लाख रुपये लेने से मना कर दिया। जिसके बाद तहसीलदार वापस लौट गए। प्रधान का कहना है कि अधिकारी समझौते के तहत सहायता राशि नहीं दे रहे हैं। जिससे परिजन खफा हैं।
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मृतक किसान सुरेंद्र शर्मा के परिजनों को एक लाख की आर्थिक सहायता प्रशासनिक स्तर से उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन उसे उन्हाेंने स्वीकार नहीं किया। हालांकि, वायदे के मुताबिक अन्य माध्यमों अथवा योजनाओं के जरिए मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन मृतक किसान के परिजनों के साथ खड़ा है।
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-माया शंकर यादव, एडीएम न्यायिक
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