अमरोहा। भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के गांव सहसपुर अलीनगर की सूरत अब बदलने लगी है। बदले भी क्यूं ना। मोहम्मद शमी ने विश्वकप में शानदार गेंदबाजी कर गांव और अमरोहा को अलग पहचान दिलाई। जिसके बाद शासन की नजर भी शमी के गांव पर पड़ी। ऐसे में अब गांव के विकास पर अधिकारियों को विशेष ध्यान है। यहां साफ-सफाई कराने के साथ-साथ अन्य तैयारियां शुरू हो गई हैं।
सहसपुर अलीनगर भारतीय क्रिकेट टीम तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का गांव है। खेत में बनी पिच से निकलकर मोहम्मद शमी देश दुनिया में छा गए । विश्वकप में मोहम्मद शमी की स्विंग गेंदबाजी विरोधी टीम के बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। शमी के जज्बे और प्रतिभा से देश बेहद प्रभावित हुआ। वहीं, शासन ने उनके गांव को विकास की श्रेणी में शामिल करने का निर्णय लिया। फाइनल मैच से पहले गांव में अधिकारियों ने डेरा डालना शुरू कर दिया। सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा, एडीएम सुरेंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने गांव में पहुंचते रहे और गांव में सफाई पर जोर दिया।
उधर, उनके प्रदर्शन को देखते हुए अमरोहा जनपद के प्रभारी मंत्री व गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने मोहम्मद शमी की तारीफ की। प्रदेश सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए 22 जिलों में मिनी स्टेडियम बनाने की घोषणा की थी। लंबे समय से सहसपुर अलीनगर गांव में मिनी स्टेडियम बनाने की तैयारी प्रशासन स्तर पर चल रही थी। मोहम्मद शमी की इस कामयाबी को यादगार बनाने के लिए उनके पैतृक गांव सहसपुर अलीनगर में विकास के नए आयाम खोले जाएंगे।
सहसपुर अलीनगर गांव में मिनी स्टेडियम बनाने की घोषणा के बाद प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए ग्राम पंचायत की 16 बीघा जमीन तलाशकर ली गई है। स्टेडियम के लिए प्रपोजल तैयार करके शासन को भेजा जा रहा है। पैसा स्वीकृत होते ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
फाइनल मैच से पहले क्रिकेटर मोहम्मद शमी के गांव सहसपुर अली नगर पहुंचे सीडीओ व एडीओ पंचायत ने गांव के विकास कार्यों का जायजा लिया। गांव में मिनी स्टेडियम बनाने, सोलर लाइट लगाने, वृद्ध, विकलांग, विधवा पेंशन, पात्र लोगों को आवासीय काॅलोनी और विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। उसके बाद से गांव में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ी हुई है।