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फैसला रिश्वत के दम पर उसके हक में हो गया...

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अंजुमन अहले अदब के तत्वावधान में मुशायरे का आयोजन किया गया। जिसमें शायरों ने अपने-अपने कलाम पेश करके समां बांध दिया।
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शहर के मोहल्ला संभलयान में आयोजित मुशायरे में शायरों ने अपने-अपने कलाम पेश किए। सुलेमान फराज ने कहा कि फैसला रिश्वत के दम पर उसके हक में हो गया, मेरे हाथों से मेरे पुरखों का घर जाता रहा। अफजल गौहर ने यूं कहा कि पीछा न जबके छोड़ा गमे रोजगार ने, घर से चले हैं, अपना मुकद्दर संवारने। इकराम रामिश ने कहा कि मेरी लियांकतों का है अगर हिसाब देखना, सवाल कर के मुझ से तुम मेरा जवाब देखना। साजिद हसनपुरी ने कहा कि कई दिनों से तेरी याद भी नहीं आई, कई दिनों से गुनहगार हो गया हूं मैं। मुजाहिद अंसारी ने कहा कि तेरी औकात सब जानते हैं यहां, फिर ये चोला बदलने से क्या फायदा। मुजीब बेग ने कुछ यूं पढ़ा मग़रिब से आ रही है सदा जागते रहो। नौशाद राज ने कहा कि अजनबी शख्स से रास्ता पूछ कर, लापता हो गए हम पता पूछ कर। इनके अलावा जमाल कुरैशी अजहर सैफी, युसूफ परवाज, मुंतजिम रजा, यूसुफ, परवाज, शमीम, अजीम, आदिल आदि ने भी अपने-अपने कलाम पेश करके वाह-वाही लूटी। मुशायरे की अध्यक्षता मुजीब बेग ने की जबकि शमा रोशन गौड़ ने की। संचालन कमर हसनपुरी ने किया। मुशायरा संयोजक इकराम रामिश ने सभी का आभार जताया। इस दौरान जावेद जरताब, सभासद शाहनवाज अंसारी, याकूब अंसारी, पूर्व चेयरमैन अलीमुद्दीन सैफी आदि भी मौजूद रहे।
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