कुआखेड़ा बिजलीघर पर शुक्रवार दोपहर हादसा होने से बच गया। बिजलीघर की एक मशीन में फाल्ट होने से वहां करंट फैल गया। करंट की चपेट में आकर एसएसओ को जोरदार झटका लगा। मौके पर मौजूद भाकियू कार्यकर्ताओं ने काफी मुश्किल से उसे बचाया। एक घंटे बाद उसे होश आया। कृषि पोषक कोड दिए जाने की मांग को लेकर बेमियादी धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ताओं ने इसे अपने खिलाफ गहरी साजिश बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
भाकियू असली गुट के कार्यकर्ता कुआखेड़ा समेत तीन बिजलीघरों को कृषि पोषक कोड जारी किए जाने की मांग को लेकर बीते मंगलवार से कुआखेड़ा बिजलीघर पर बेमियादी धरने पर बैठे हुए हैं। भाकियू कार्यकर्ता बिजलीघर के भीतर मशीनों के पास धरने पर बैठते हैं। शुक्रवार को किसानों की संख्या अधिक होने की वजह से धरना बाहर दिया गया। बिजलीघर पर तैनात एसएसओ अंकित ने बताया कि दोपहर दो बजे एक मशीन में फाल्ट हुआ और वहां करंट फैल गया। अंकित को करंट का जोरदार झटका लगा और वह बेसुध हो गया। अंकित की हालत देखकर भाकियू दौड़ते हुए वहां पहुंचे और लकड़ी की सहायता से अंकित को बाहर निकाला। भाकियू के मंडलाध्यक्ष डूंगर सिंह ने बिजलीघर के भीतर करंट फैलने की घटना को भाकियू के खिलाफ गहरी साजिश बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना था कि यदि कार्यकर्ता बिजलीघर के भीतर होते तो कई कार्यकर्ताओं के साथ अप्रिय घटना होनी तय थी।