गजरौला। महिला के पेट में पट्टी छोड़ने का मामला मुख्यमंत्री दरबार में पहुंच गया है। पीड़ित परिवार ने निजी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएम पोर्टल पर शिकायत की है। पीड़ित ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों पर अस्पताल प्रबंधन से मिलीभगत के चलते जांच तक न करने का आरोप लगाया है। नाईपुरा निवासी सुशील द्वारा सीएम पोर्टल पर की गई शिकायत में कहा कि उन्होंने अपनी पत्नी को प्रसव पीड़ा के चलते अक्तूूबर में गजरौला सीएचसी सामने एक अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां पत्नी ने ऑपरेशन से बेटी को जन्म दिया। अस्पताल के स्टाफ ने लापरवाही बरतते हुए पत्नी के पेट में पट्टी छोड़ दी थी। इसकी शिकायत बीते महीने सीएमओ और डीएम से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अगले दिन स्वास्थ्य विभाग के नोडल अफसर से भी शिकायत की। जिसे एक सप्ताह हो गया, लेकिन उन्होंने अस्पताल में जाकर जांच तक नहीं की।
पीड़ित का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के अफसर अस्पताल प्रबंधन से मिले हुए हैं। इस कारण कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। पीड़ित ने सीएम से अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बुधवार को करनी थी मौके पर पहुंचकर जांच
डीएम और सीएमओ ने नोडल अधिकारी डॉ. विशाल त्रिवेदी को निर्देश दिए थे कि वह मौके पर जांच कर कार्रवाई करें। मगर नोडल अधिकारी न डीएम और सीएमओ के निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया।
उनको अस्पताल में जाकर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। बुधवार को जांच करनी थी, लेकिन जरूरी काम लग गया, जिसके चलते वह जांच करने नहीं जा सके। - डॉ. विशाल त्रिवेदी, नोडल अधिकारी स्वास्थ्य विभाग।