अमरोहा। जिले में बुखार से लोगों का बुरा हाल है। हालात यह है कि जिला अस्पताल के सभी बेड फुल हैं। 13 बच्चों समेत 32 मरीज भर्ती हैं। वार्ड के एक बेड पर दो-दो मरीजों का इलाज चल रहा है। वायरल बुखार के साथ गला भी जकड़ रहा है। गले में संक्रमण के केस बढ़ रहे हैं। सुखी खासी परेशान कर रही है। डॉक्टर बदलते मौसम में सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।
बुखार कहर बरपाने लगा है। इस मौसम में मौसमी, संक्रामक और मच्छरजनित बीमारियों का ग्राफ बढ़ गया है। एक डेंगू आशंकित मरीज भी मिल चुका है। इस बार वायरल बुखार से पीड़ित मरीज डेंगू जैसे लक्षणों के साथ आ रहे हैं। उन्हें बुखार, उल्टी-दस्त, खांसी-जुकाम, सांस लेने में दिक्कत हो रही है। प्लेटलेट्स काउंट कम होने, सिरदर्द और अत्यधिक कमजोरी होने पर अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर बुखार के मरीज देखे जाने लगे हैं। जिला अस्पतालों में बेड फुल हैं। निजी अस्पतालों से लेकर छोटे-छोटे क्लीनिकों में बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज चल रहा है। बच्चे, बड़े और बुजुर्ग 102 से 103 डिग्री बुखार के कारण तप रहे हैं। सिर, सीने, पेट, आंखों और जोड़ों में दर्द के लक्षण के साथ लोग इलाज कराने पहुंच रहे हैं। सोमवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की छुट्टी के बाद भी जिला अस्पताल में 32 मरीज भर्ती हुए हैं। इसमें 13 बच्चे शामिल हैं। स्थिति ये है कि बेड फुल होने के कारण एक बेड पर दो-दो मरीजों का इलाज चल रहा है।
- अस्पताल में भर्ती मरीजों का स्वास्थ्य पहले से बेहतर है। इन दिनों गले में संक्रमण होने के साथ ही बुखार हो जाता है। इससे बचाव के लिए ठंडी और खट्टी चीजों के खाने से परहेज करना चाहिए। धूप व गर्मी से आए तो पसीना सुखाने के बाद पानी पीना चाहिए। अगर इस तरह की समस्या होती है, तो चिकित्सक की सलाह से दवा लेनी चाहिए। - डॉ. चरन सिंह, जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक
बुखार के बाद पीछा नहीं छोड़ रही कमजोरी
अस्पताल में कई-कई दिन तक बुखार से पीड़ित को कमजोरी, हाथ-पैरों में सूजन, थकान, दर्द और खुजली की बीमारी परेशान कर रही है। बुखार तो उनका ठीक हो जाता है, लेकिन बाद में शारीरिक परेशानी लगातार बनी रहती है।